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दिल्ली विश्वविद्यालय
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2023-24 में स्नातक कोर्सेज के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब दाखिले के लिए पहली मेरिट सूची एक अगस्त को जारी होगी। सूची जारी होने के बाद छात्रों को अपनी आवंटित सीट को स्वीकार करना होगा। यदि वह सीट को स्वीकार नही करते तो वह दाखिला सिस्टम से बाहर हो जाएंगे।
डीयू की आवेदन प्रक्रिया के तहत 304699 आवेदन किये गए हैं। जबकि 245239 ने शुल्क का भुगतान कर आवेदन को पूरा किया है। इस तरह से शुल्क का भुगतान करने वाले दाखिले की रेस में हैं। डीयू में स्नातक की 71 हजार सीटें है। जिस तरह से आवेदन किये गए है, उससे पहली मेरिट सूची में ही सभी सीटें आवंटित होने की संभावना है।
इस बार डीयू प्रशासन खाली सीटों से बचने के लिए पहली सूची में ही सीटों से कुछ अतिरिक्त आवंटन करेगा। सीट आवंटित होने के बाद छात्रों को आवंटित सीट को स्वीकार करना होगा। यदि सीट स्वीकार नही की जाएगी तो यह समझा जाएगा कि छात्र उसे स्वीकार करना नही चाहता। यदि किसी छात्र को किसी सूची में कई सीटों की पेशकश होगी तो उसे किसी एक सीट को स्वीकार कर दाखिला लेना होगा।
सीट स्वीकार करने पर कॉलेज छात्र द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेज की पात्रता ओर वैधता की जांच करेगा। कॉलेज दस्तावेजों का सत्यापन करेगा और अपनी मंजूरी देगा। मंजूरी प्राप्त होने पर छात्र को निर्धारित समय के भीतर प्रवेश शुल्क का भुगतान करना होगा।
प्रत्येक आवंटन दौर के बंद होने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय सभी कॉलेजों में प्रत्येक प्रोग्राम में रिक्त सीटों की जानकारी देगा। छात्रों के पास सीट अपग्रेड या फ्रीज़ का विकल्प भी होगा। जो छात्र अपग्रेड का विकल्प चुनेंगे उनकी उच्च वरीयता में अपग्रेडेशन के लिए विचार किया जाएगा। एक छात्र जो अपग्रेड हो जाएगा उसे अपग्रेड सीट को स्वीकार करना होगा।
वांछित सीट मिलने पर करना होगा फ्रीज
जिस छात्र ने आवंटित सीट पर दाखिला लिया और उसे जारी रखने की इच्छा रखता है उसे अपने डैशबोर्ड के माध्यम से फ्रीज का विकल्प लेना होगा। फ्रीज का चयन करने पर ऐसे छात्र को कभी भी अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने की अनुमति नही दी जाएगी। वही फाइनल सूची से पहले एक संभावित सूची जारी की जाएगी जिससे छात्र को अपनी दाखिले की संभावना का पता चलेगा।
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