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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (फाइल)
– फोटो : ANI
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दिल्ली सरकार ने महरौली प्रकरण से सबक लेते हुए तुगलकाबाद गांव के निवासियों के बचाव और पुनर्वास के लिए सजग हो गई है। इस दिशा में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द पीड़ितों के लिए पुनर्वास योजना तैयार करें। उपमुख्यमंत्री ने पीड़ितों के पुनर्वास के लिए जमीन चिन्हित करने और पुनर्वास योजना तैयार करने के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कि केंद्र सरकार की एजेंसी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तुगलकाबाद गांव में प्रस्तावित तोड़फोड़ अभियान लंबे समय तक रहने वाले लोगों के लिए बेहद क्रूर साबित होगा और लोगों पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगों को भारी दिक्कत होगी। लिहाजा लोगों का पुनर्वास के बिना कोई भी तोड़फोड़ कार्रवाई नहीं की चाहिए।
मनीष सिसोदिया ने मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि वह भूमि-स्वामित्व एजेंसी के साथ तालमेल करें। इसके अलावा वह पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उनके वर्तमान आवास के निकटतम भूमि के टुकड़े की पहचान करें और पीड़ितों के लिए एक विस्तृत और उचित पुनर्वास योजना तैयार करें। साथ ही उपमुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए है।
केंद्र सरकार की एजेंसी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अपने तोड़फोड़ अभियान के तहत तुगलकाबाद गांव के 1000 से ज्यादा घरों पर बुलडोज़र चलाने वाला है। इस कारण इन घरों में रहने वाले हजारों परिवार बेघर हो जाएंगे। दिल्ली सरकार ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए इनके पुनर्वास की योजना बनाने के निर्देश दिए है। दरअसल इस बाबत पीड़ितों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की है और उच्च न्यायालय ने सभी स्टेकहोल्डर एजेंसी को तुगलकाबाद गांव में तोड़फोड़ के कारण विस्थापित हो रहे पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उचित योजना बनाने का निर्देश दिया है।
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