Delhi: दिल्ली-एनसीआर में 32 प्रतिशत परिवार दिवाली पर पटाखे फोड़ने की बना रहे योजना, सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा

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32 percent families planning to burst crackers on Diwali in Delhi NCR

पटाखा फोड़ने के योजना बना रहे दिल्ली-एनसीआर के लोग
– फोटो : अमर उजाला



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एक सामुदायिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सर्वे में पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर में लगभग 32 प्रतिशत परिवार पटाखे फोड़ने की योजना बना रहे हैं, जबकि 43 प्रतिशत ने प्रदूषण के बारे में चिंताओं को ऐसा न करने का कारण बताया है। लोकल सर्कल्स के सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों से 9,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं हैं। पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध के बाद भी दिल्ली-एनसीआर में 32 प्रतिशत परिवारों द्वारा इस दिवाली पर पटाखे फोड़ने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह प्रदूषण का स्तर सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से लगभग सात से आठ गुना अधिक दर्ज किया गया, क्योंकि इस क्षेत्र में लगातार सातवें दिन जहरीली धुंध बनी रही। सर्वेक्षण में कहा गया है कि कई निवासियों का माननाहै कि अक्तूबर के अंत से नवंबर की शुरुआत तक दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना है।

रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के निवासियों को इन राज्यों से पटाखे खरीदते देखा गया है। ऐसी स्थिति प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करती है, क्योंकि पिछले एक दशक में पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का दीर्घकालिक समाधान खोजने में असमर्थता ने उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित किया है।

रिपोर्ट में कहा गया कि इस दिवाली पटाखा जलाने पर नियंत्रण के लिए पटाखा प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ जागरूकता अभियान बढ़ाना आवश्यक होगा। सर्वेक्षण में आगे कहा गया है कि पिछले वर्षों के आंकड़ों से पता चला है कि दिवाली के अगले दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले दिन की तुलना में 100-300 अंक की वृद्धि हुई है। 

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