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श्री राम जन्मभूमि मंदिर को समर्पित विशेष स्मारक डाक टिकट
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर को समर्पित छह विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करते हुए कहा कि रामायण पूरी मानवता को खुद से जोड़ती है। भगवान राम, माता सीता और रामायण की बातें समय, समाज, जाति, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं से परे प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी हैं। रामायण से हमें त्याग, एकता और साहस दिखाते हुए सबसे मुश्किल दौर में भी प्रेम की जीत की सीख मिलती है। यही वजह है कि राम और रामायण पूरे विश्व में आकर्षण व उत्साह का केंद्र रहे हैं।
पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा, आज डाक टिकटों की जिस एल्बम को जारी किया गया है, वह इसी भावना का प्रतिबिंब है कि कैसे भगवान राम, माता सीता और रामायण को पूरी दुनिया में गौरव और सम्मान के साथ देखा जाता है। डाक टिकटों को विचार, इतिहास और ऐतिहासिक अवसरों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि, जब कोई विशेष डाक टिकटों से कुछ भेजता है, तो इतिहास का अंश भी साथ जाता है। ये सिर्फ कागज या कलाकृति के टुकड़े नहीं, बल्कि इतिहास की किताबों, कलाकृतियों के रूपों और ऐतिहासिक स्थलों का सबसे छोटा रूप हैं।
नए प्रकाश का संदेश देगा टिकट
पीएम मोदी ने कहा कि युवा पीढ़ी को इन डाक टिकटों से बहुत कुछ जानने को मिलेगा। इनमें राम मंदिर का भव्य चित्र है, कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिये रामभक्ति की भावना है, मंगल भवन अमंगल हारी के जरिये राष्ट्र मंगल की कामना है। सूर्यवंशी राम के प्रतीक सूर्य की छवि है, जो देश में नए प्रकाश का संदेश दे रही है। इसके अलावा पुण्य नदी सरयू का चित्र भी है, जो राम के आशीर्वाद से देश को सदैव गतिमान रहने का संकेत करती है, साथ ही मंदिर के आंतरिक वास्तु के सौंदर्य को भी इन डाक टिकटों पर उतारा गया है। एक प्रकार से पंच तत्व के दर्शन को मिनिएचर रूप में राम के माध्यम से इन टिकटों में दर्शाया गया है।
48 पेज की किताब…20 देशों के डाक टिकट, सबमें राम ही आदर्श
पीएम मोदी ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कंबोडिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, फिजी, इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड, थाईलैंड, सिंगापुर, गुयाना व श्रीलंका जैसे 20 देशों के डाक टिकट का एल्बम जारी किया। यह 48 पेज का है। इसमें श्रीराम के जीवन प्रसंगों को सम्मान और आत्मीयता के साथ दर्शाया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इससे पता चलता है कि राम देश से बाहर भी महान आदर्श हैं। विश्व की तमाम सभ्यताओं पर राम और रामायण का गहरा प्रभाव रहा है। आधुनिक समय में भी अनेक राष्ट्रों ने राम की सराहना की है। यह एल्बम इन जानकारियों के साथ श्रीराम और जानकी की कथाओं की एक संक्षिप्त सैर भी कराएगी। एक तरह से वाल्मीकि का आह्वान आज भी अमर है…जब तक पर्वत और नदियां हैं, रामायण की कथा व श्रीराम का व्यक्तित्व आदर्श रहेगा।
जमीन पर सो रहे पीएम मोदी, पी रहे नारियल पानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने से पूर्व अनुष्ठान के तहत सख्ती से यम-नियम का पालन कर रहे हैं। 11 दिनों के अनुष्ठान के तहत पीएम मोदी ने बिस्तर का भी त्याग किया हुआ है। वह महज कंबल के सहारे जमीन पर सो रहे हैं और नारियल पानी का सेवन कर रहे हैं। पीएम मोदी ने 12 जनवरी से अपना सात्विक उपवास शुरू किया। अनुष्ठान के दौरान शरीर और मन की शुद्धि के लिए ध्यान के साथ-साथ सात्विक आहार लेना होता है। इस दौरान भोजन में प्याज, लहसुन का भी निषेध रहता है। सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी सात्विक भोजन पर हैं और सिर्फ फलाहार ले रहे हैं।
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