Delhi: फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर दूसरे की प्रॉपर्टी पर लिया 90 लाख का लोन, आरोपियों को नहीं जानते पीड़ित

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Loan of Rs 90 lakh taken on someone else property by making fake death certificate in Delhi

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Amar Ujala

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा में बुजुर्ग राजेश्वरी नाम की महिला अपने 300 गज के मकान में परिवार के साथ रह रही थी। एक दिन निजी बैंक के अधिकारी उनके घर पहुंचे और नोटिस लगाकर उसे सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने 78 वर्षीय बुजुर्ग राजेश्वरी देवी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया है। बाद में उसके आधार पर उनकी प्रॉपर्टी की फर्जी सेल डीड बनवाकर उस पर 90 लाख का लोन ले लिया। लोन लेकर आरोपी फरार हो गए। लोन की किस्त जमा नहीं हुई तो बैंक कार्रवाई करने पहुंच गया। बैंक ने मकान की एक फ्लोर को सील भी कर दिया। परिजनों ने मामले की शिकायत दी। अब इस संबंध में शुक्रवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

पीड़ित परिवार ने हंसराज, अमरजीत और इनकी पत्नियां निशा और रजनी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। बुजुर्ग ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय और बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में अब मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बुजुर्ग राजेश्वरी ने बताया कि वह परिवार के साथ गामड़ी गांव में रहती हैं। उनके परिवार में बेटे राहुल के अलावा तीन बेटियां अंजू, मंजू रितु हैं। उनके पति बाबूराम की सात मार्च 2010 में मौत हो गई थी। इसके अलावा उनके बड़े बेटे राजकुमार की भी चार फरवरी 2020 को मौत हो गई थी। परिवार का गली नंबर-25, भजनपुरा में 300 गज का एक मकान है।

इस प्रॉपर्टी में तीनों बेटियों के अलावा दो बेटों के परिवार और खुद राजेश्वरी हिस्सेदार हैं। वर्ष 2017 में अचानक एक निजी बैंक के अधिकारी इनकी प्रॉपर्टी को सील करने पहुंच गए। छानबीन में पता चला कि किसी अमरजीत व हंसराज नामक व्यक्तियों ने इनकी प्रॉपर्टी के फर्जी कागजात तैयार कर 90 लाख का लोन ले लिया। इसके लिए पहले सब रजिस्ट्रार ऑफिस के कर्मचारियों के साथ मिलकर राजेश्वरी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया। प्रॉपर्टी के फर्जी कागजात में राजेश्वरी के बेटे राजकुमार, राहुल व बेटी अंजू को मालिक दिखाकर फर्जी सेल डीड बनवाकर उसे अमरजीत व हंसराज की पत्नियों निशा और रजनी के नाम किया गया।

बाद में इसके आधार पर लोन प्राप्त कर लिया गया। लोन लेने के बाद आरोपी गायब हो गए। उसकी किस्त नहीं भरी गई। लोन न चुकाने पर बैंक अधिकारी मकान को सील करनके लिए पहुंच गए। बुजुर्ग महिला और उनका परिवार अपनी प्रॉपर्टी को बचाने के लिए चक्कर काटते रहे। बैंक ने उनके मकान की एक फ्लोर को सील भी कर दिया। अब इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

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