Delhi : मासूम के निजी अंगों समेत शरीर पर ताजा चोटों के 18 निशान मिले, मेडिकल रिपोर्ट से खुलासा

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आरकेपुरम में दरिंदगी की शिकार सात वर्षीय मासूम के निजी अंगों समेत शरीर पर ताजा चोटों के 18 से ज्यादा निशान मिले हैं। पुलिस को मिली मेडिकल रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट से पता लगा है कि बच्ची के निजी अंगों पर काटने के निशान भी हैं। हालांकि, बच्ची के साथ शारीरिक छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है। बच्ची ने भाई जाॅनी पर छेड़छाड़ व अश्लील हरकत का आरोप लगाया था।

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट से बच्ची के शरीर पर ताजा चोटों के 18 से ज्यादा निशान मिले हैं। ये वे चोटें हैं जो दिख रही हैं। सभी चोटें बच्ची के शरीर पर पीठ, कमर के नीचे, हाथ और गर्दन आदि जगहों पर हैं। बच्ची के शरीर पर पुरानी चोटों के भी काफी निशान हैं। काफी जख्म तो ऐसे हैं जो भर गए हैं। डर की वजह से बच्ची काफी दिनों से यातनाएं सहन कर रही थी। जब दर्द उससे सहन नहीं हुआ तो उसने स्कूल शिक्षिका को ये बात बताई। 

इसके बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची को 12 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के जरिए बच्ची ने नौ फरवरी को आरके पुरम थाना पुलिस को शिकायत दी थी। बयान नहीं होने से पुलिस ने 10 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी। बच्ची सीडब्ल्यूसी की निगरानी में बाल गृह में रह रही है। बताया जा रहा है कि सोते हुए बच्ची डर जाती है और उठकर चिल्लाने लगती है। पुलिस बच्ची पर पूरी निगरानी रख रही है।

बच्ची ने कोर्ट में दरिंदगी की बयां

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्ची ने कोर्ट में अपने साथ हुई दरिंदगी को बयां किया है। बच्ची के कोर्ट में सीआरपीसी 164 के तहत बयान दर्ज हो गए हैं। बच्ची ने कोर्ट में भी वही बयान दिए हैं जो उसने एफआईआर दर्ज करने के लिए दिए थे। बच्ची ने कोर्ट को बताया कि उसके होटों पर चोट झूले से गिरने से लगी है।

मम्मी पापा को भी पीटती थी

बच्ची ने बताया है कि जब रेनू मारपीट करती थी तो पिता आनंद कुमार बचाने आते थे। इस पर रेनू पिता को भी मारती थी। ऐसे में पापा उसे कम ही बचाने आते थे। आरोपी रेनू पति के साथ फरार है। हालांकि, बच्ची ने आनंद पर किसी तरह के आरोप नहीं लगाए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला को पकड़ने के लिए दिल्ली-एनसीआर व यूपी में दबिश दी जा रही है।

बात नहीं मानने पर मारपीट करते थे

आरकेपुरम थाना पुलिस ने जॉनी को एफआईआर दर्ज करने के बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि बच्ची उनकी बात नहीं मानती थी। बच्ची का कहना है कि जॉनी पीछे से हाथ बांधकर पंखे से लटकाकर चला देता था। उसने कई बार ऐसा किया था। जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी रेनू व जॉनी ने बच्ची को इसलिए गोद लिया था कि उनकी कोई बेटी व बहन नहीं थी। आरोपी शुरू से ही बच्ची के साथ मारपीट करने लग गए थे। बच्ची को उसके असली माता-पिता से भी मिलने नहीं दिया जाता था।

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