[ad_1]

Atishi Marlena with Arvind Kejriwal and manish Sisodia
– फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
शराब घोटाले के आरोपी मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के इस्तीफे के बाद दिल्ली सरकार में जिन दो नए चेहरों की एंट्री होने की संभावना लगाई जा रही है, उनमें आतिशी मार्लेना प्रमुख हैं। वहीं भाजपा ने आतिशी को दिल्ली कैबिनेट में शामिल करने को लेकर आपत्ति जताई है। भाजपा ने एक पुराने विवाद से आतिशी मार्लेना को जोड़ते हुए सीएम केजरीवाल को पत्र भी लिखा है। दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल की प्रमुख सूत्रधार रहीं आतिशी मार्लेना उच्च शिक्षित हैं और पार्टी की विचारधारा से आंदोलन के समय से ही जुड़ी हुई हैं। कालकाजी से विधायक आतिशी मार्लेना के मंत्रिमंडल में शामिल होने से केजरीवाल को मनीष सिसोदिया की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। महिला चेहरे के रूप में एक नए मंत्री के मिलने से भी मंत्रिमंडल को पूर्णता मिल सकती है। मंत्रिमंडल के दूसरे नए संभावित चेहरे सौरभ भारद्वाज को अरविंद केजरीवाल का भरोसेमंद होने का लाभ मिला है।
केजरीवाल के ये दोनों विशेष सहयोगी पूरी तरह साफ-सुथरी छवि के हैं और वे पार्टी की रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। भाजपा के लिए इन चेहरों को किसी घोटाले में शामिल बताना काफी मुश्किल होगा। इन दो युवा चेहरों के शामिल होने से अरविंद केजरीवाल को भरोसे का साथी मिल जाएगा, यह माना जा सकता है। पार्टी इन्हें मॉडल के तौर पर विकसित कर दूसरे राज्यों के चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकती है।
आतिशी के साथ विवाद
हालांकि, आतिशी मार्लेना के साथ भी कुछ विवाद रहे हैं, जिन्हें विपक्ष उठाकर केजरीवाल को घेरने की रणनीति अपना सकता है। आतिशी ने जब 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब उनके सरनेम को लेकर खूब चर्चा हुई थी। उनके सरनेम के साथ जुड़ा मार्लेना शब्द मार्क्स और लेनिन को जोड़कर बनाया हुआ बताया गया था। कहा गया था कि उनके वामपंथी विचारधारा से जुड़े पिता विजय सिंह ने वामपंथ के प्रति अपने अनुराग के कारण ही बेटी के नाम के साथ मार्लेना शब्द जोड़ दिया था। विवाद बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने उस चुनावी अभियान में बाद में आतिशी के नाम के साथ सिंह उपनाम लगा दिया था।
[ad_2]
Source link