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सभी स्कूलों के प्रमुखों को दी गई जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनडीएमसी ने अपने स्कूलों में शारीरिक दंड रोकने, बच्चों के साथ प्यार से व्यवहार करने और नशे की रोकथाम के लिए शिक्षा देने की पहल शुरू की है। इसके लिए स्कूलों के प्रमुखों को जिम्मेदारी दी गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रशिक्षण दिया गया।
एनडीएमसी के अध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि सभी स्कूलों को न केवल अच्छे बुनियादी ढांचे, संकाय सदस्यों, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों की आवश्यकता है, बल्कि बिना किसी तनाव के छात्रों के संपूर्ण व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए प्यार, सम्मान और गरिमा के माहौल की भी आवश्यकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि स्कूलों में शारीरिक दंड को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और इस संबंध में समय-समय पर जारी किए गए कुछ दिशानिर्देशों में छात्रों पर इसके प्रतिकूल मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव के कारण अवैध घोषित किया है। उन्होंने स्कूलों के आसपास के क्षेत्र में तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और खरीद इत्यादि गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए विद्यालय प्रमुखों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए।
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