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डॉक्टर ने निकाला मरीज के गले से दुर्लभ फंगल संक्रमण
– मरीज अपने यहां मौजूद तालाब व नदियों में करता था तैराकी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉक्टरों ने 37 साल के मरीज के गले से दुर्लभ फंगल संक्रमण निकाला है। मरीज राइनोस्पोरिडिओसिस बीमारी से पीड़ित था। यह बीमारी एक तरह का फंगल इन्फेक्शन होती है। इस बीमारी में नाक, सांस की नली में सूजन व फंगल इन्फेक्शन हो जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज बारिशन रे को यह बीमारी स्थानीय नदी और तालाबों में तैरने के कारण हुई थी। सात से आठ महीनों तक जब उनकी बाई नाक ब्लॉक रही और गले के पिछले हिस्से में सूजन हो गई थी तो उन्होंने अस्पताल में दिखाया।
इस बारे में नाक, कान व गला विभाग के डॉक्टर डॉ अंकुश सयाल ने कहा कि यह बीमारी बहुत ही कम लोगों में होती है। 16 साल के कॅरिअर में ऐसा केस पहली बार देखा है। शुरुआत में वह देखकर हैरान थे कि मरीज अपने गले के पीछे द्रव्यमान खुद दिखा सकता है और अपनी इच्छा से इसे बाहर भी निकाल सकता है। वह बताते हैं कि मरीज स्थानीय नदियों और तालाबों में तैराकी किया करता था। इसलिए वह इस बीमारी से पीड़ित हुआ। सर्जरी के बाद अब मरीज की हालत ठीक है और वह फिलहाल दवाओं और थेरेपी पर है।
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