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क्वीकर, शाइन और नौकरी डॉटकॉम से लेते थे बेरोजगारों का डेटा
तीन मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, पासबुक, लैपटॉप और तीन सिम बरामद
पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कई मदों में रुपये वसूल लिया करते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। खुद को नामी कंपनी का अधिकारी बताकर देशभर के बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का उत्तरी जिला साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रितेश कुमार और अजय बाघेल के रूप में हुई है।
आरोपी Naukri.com, shine.com और Quiker.com जैसी वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं का डेटा लेकर उनसे व्हाट्सएप या ईमेल के जरिये संपर्क करते थे। बातचीत के बाद कुछ औपचारिकताएं पूरी करने की बात कर आरोपी उनको फर्जी नियुक्ति पत्र देकर कई मदों में रुपये ले लिया करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल, एक एटीएम कार्ड, पासबुक, लैपटॉप और तीन सिमकार्ड बरामद किए हैं। पुलिस को मामले में सौरभ नामक एक आरोपी व उसके गैंग के बाकी लोगों की तलाश है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पिछले दिनों साइबर थाने को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता युवती ने बताया कि उसे नौकरी की तलाश थी। इसके लिए उसने अपना बायोडाटा shine.com और Quiker.com पर डाला हुआ था।
इस दौरान एक आरोपी ने खुद को नामी कंपनी का एचआर मैनेजर बनकर बात की। पीड़िता को बताया कि उसकी डेटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी लग रही है। उसे वर्क फ्रॉम होम करना होगा। पीड़िता का विश्वास जीतने के लिए उसे नियुक्ति पत्र भी भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी ने रजिस्ट्रेशन, जीएसटी सिक्योरिटी फीस के अलावा कई दूसरे मदों में रुपये ऑनलाइन ले लिए।
पीड़िता से 45230 रुपये लेने के बाद भी आरोपी और रुपयों की मांग करने लगे। पीड़िता को शक हुआ तो उसने इसकी पड़ताल की। बाद में उसे पता कि आरोपियों ने उसे ठग लिया है। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर थाना प्रभारी पवन तोमर व अन्यों की टीम का गठन कर दिया गया।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को पता चला कि आरोपी मंगोलपुरी के आसपास कहीं से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ठगी की रकम भी आसपास के क्षेत्र में लगे एटीएम से निकाली जा रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, वह भी फर्जी पतों पर मिले। पुलिस ने पड़ताल के बाद पहले नांगलोई निवासी अजय बाघेल को दबोच लिया। आरोपी ने बताया कि कोविड में कर्ज होने के बाद वह ठगी की घटनाओं में शामिल हो गया। उसका काम ठगी की रकम के लिए फर्जी कागजात पर अकाउंट खुलवाने का है। बदले में उसे ठगी की रकम का 20 फीसदी हिस्सा मिलता था। रितेश और सौरभ नामक आरोपी खुद को एचआर मैनेजर बताकर अंग्रेजी में लोगों से बात करते थे। साइबर थाना पुलिस ने रितेश को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सौरभ व बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
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