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ध्यानार्थ-आगरा व हरियाणा के लिए उपयोगी।
दोनों शूटर नीरज बवाना-नवीन उर्फ बाली गिरोह के हैं सदस्य
आगरा में मनी एक्सचेंजर के यहां हुई डकैती मामले में वांछित था
2 पिस्तौल, 13 जिंदा कारतूस और एक चोरी की कार बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नीरज बवाना-नवीन उर्फ बाली-हिमांशु उर्फ बाहु गैंग के दो शार्प शूटर को गिरफ्तार कर दो व्यक्तियों की जान बचाई है। गिरफ्तार शार्प शूटर टिंकू उर्फ देवा और कबीर उर्फ बाबा विरोधी गिरोह नीतू दबोधा गिरोह के सदस्य सुंदर मलिक की हत्या करने जा रहे थे। साथ ही रंगदारी के पैसे देने से इन्कार करने पर बेरी, हरियाणा निवासी देवेंदर उर्फ बिल्लू को मारने का भी काम सौंपा गया। ये हरियाणा में हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में वांछित थे। आरोपी आगरा में मनी एक्सचेंजर के यहां हुई डकैती के मामले में वांछित था। इनके पास से 2 पिस्तौल, 13 जिंदा कारतूस और एक चोरी की कार बरामद की गई है।
अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आपराधिक वारदातों में लगे बदमाशों को पकड़ने के लिए एसीपी विवेक त्यागी व इंस्पेक्टर पंकज ठकरान की निगरानी में एसआई अमित, हवलदार नरेंद्र, राजेश व अमित की टीम गठित की गई। टीम ने घेराबंदी कर दिल्ली से वीपीओ रिटोली, जिला रोहतक, हरियाणा निवासी टिंकू उर्फ देवा और वीपीओ कुलासी, बहादुरगढ़, जिला झज्जर, हरियाणा निवासी कबीर उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से बरामद कार रोहिणी इलाके से चोरी हो रखी थी। आरोपी टिंकू उर्फ देवा ने अपने साथियों अन्नू मलिक, वैन्स और कृष्णा के साथ मिलकर आगरा में मनी एक्सचेंजर रचित को गोली मार दी थी और 17 लाख रुपये लूटकर ले गए थे। थाना ताजगंज, आगरा, उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार शार्प शूटर को ये करने थे अपराध
प्रतिद्वंद्वी गिरोह नीतू दाबोधा के सदस्य सुंदर मलिक को मारने का काम सौंपा गया था।
बेरी, हरियाणा निवासी देवेन्द्र उर्फ बिल्लू को मारने का काम सौंपा गया था। देवेन्द्र उर्फ बिल्लू पर पहले भी हमला हुआ था और उसे गोली लगी थी। इस संबंध में थाना बेरी, हरियाणा में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी टिंकू उर्फ देवा वांछित था। इस घटना के बाद देवेन्द्र उर्फ बिल्लू को धमकी भी दी गई थी।
हरियाणा के बेरी में गुलिया नर्सिंग होम पर गोली चलाने का निर्देश दिया गया था, क्योंकि डॉ. राजपाल गुलिया नाम के इसके मालिक ने हिमांशु उर्फ बाहू को जबरन वसूली के पैसे देने से इन्कार कर दिया था।
हरियाणा के बेरी में राधा कृष्ण विद्या मंदिर पर गोलीबारी करने का काम सौंपा गया था, क्योंकि वीरेंद्र सिंह नाम के इसके मालिक ने हिमांशु उर्फ बाहु को जबरन वसूली के पैसे देने से इन्कार कर दिया था।
शूटरों व सदस्यों को मोबाइल के इस्तेमाल की नहीं थी अनुमति
वर्तमान में आरोपी हिमांशु उर्फ बाहु दोनों गैंग यानि अपना और नीरज बवाना-नवीन उर्फ बल्ली गैंग को विदेश से संचालित कर रहा है। वह व्हाट्सएप और जैंगी एप के जरिए शूटरों से संपर्क रखता है। वह उन्हें अलग-अलग स्थानों पर दो-दो के समूह में रहने का निर्देश देता है ताकि छापेमारी की स्थिति में सभी शूटर एक ही स्थान पर न पकड़े जाएं। वह उन्हें लक्ष्य के बारे में बताए बिना किसी स्थान पर मिलने के लिए कहता है, जो किसी भी अपराध को अंजाम देने से पहले उसके द्वारा तय किया जाता है। वह उन्हें अलग-अलग स्थानों से हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करने का निर्देश देता है। उन्होंने शूटरों को अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल को नष्ट करने का भी निर्देश दिया। अलग होने के बाद ये शूटर्स एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। हिमांशु उर्फ बाहु शूटरों को सिम कार्ड इस्तेमाल नहीं करने देता। वे राहगीरों से अनुरोध करके हॉटस्पॉट के माध्यम से वाई-फाई का उपयोग करते हैं। शूटरों को हर दिन डेटा डिलीट करने का निर्देश दिया गया है।
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