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दिल्ली पुलिस
– फोटो : फाइल फोटो
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पालम हत्याकांड के आरोपी केशव को नशे की लत ने हैवान बना दिया। नशा छुड़ाने के लिए एक साल से परिवार ने नशा मुक्ति केंद्र में उसे भर्ती करा रखा था। दशहरे के मौके पर दादी दीवानो देवी जब उससे मिलने गईं तो वह गिड़गिड़ाने लगा। इस पर दादी का दिल पसीज गया और वह पूरे परिवार से लड़कर केशव को घर ले आईं। लौटते ही उसने दोबारा से नशा शुरू कर दिया। दिनेश भी बेटे से इस हरकत से परेशान थे। उन्होंने केशव को जायदाद से बेदखल कर रखा था। केशव पर बेंगलूरू दिल्ली में चोरी व लूट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। पिता ने ही तीनों मामलों में उसकी जमानत करवाई थी।
केशव के चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि बचपन से ही चाचा ने केशव को बहुत प्यार से पाला। उसकी हर मांग को पूरा किया। यही वजह थी कि वह बिगड़ गया। ओपन स्कूल से सात साल पहले 12वीं करने के बाद केशव नौकरी करने बेंगलूरू चला गया। वहां कुछ ही दिनों बाद उस पर कुछ कागजात के फर्जीवाड़े और चोरी का आरोप लगा। दिनेश जमानत कराकर दिल्ली ले आए।
यहां आकर भी हरकतें जारी रहीं। उसने पालम में लूटपाट के अलावा एटीएम बूथ में चोरी का प्रयास किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक बार फिर दिनेश ने उसकी जमानत दे दी। केशव की हरकतों से उसका दोनों ताऊ के जाना भी बंद था। दशहरे पर नशा मुक्ति केंद्र से वापस आने के बाद केशव ने दोबारा नशे के लिए रुपये मांगना शुरू कर दिया था।
माता-पिता के पैसे न देने पर वह दादी से जबरन पैसे ले जाता था। 3 नवंबर को वह रुपये मांगने दादी के पास पहुंचा तो उन्होंने इंकार कर दिया। वह नाराज होकर घर से चला गया। दोपहर को वह तीन दोस्तों के साथ घर पहुंचा और पहली मंजिल की सीढ़ी पर रखे इनवर्टर की बैटरी चुराकर ले गया।
इसके बाद कई दिनों तक वह घर नहीं लौटा। उस समय दादी बड़े बेटे चंद्रपाल के साथ पहली मंजिल पर थीं। दो दिन पूर्व आरोपी घर पहुंचा तो दीवानो उसे समझाने के लिए दिनेश के घर रुक गईं, लेकिन वह नहीं माना और झगड़ा करता रहा। एक परिजन ने बताया कि केशव का एक लड़की से प्रेम प्रसंग भी था। लड़की ने नशे की वजह से उसे छोड़ दिया था, तब से वह परेशान था। माना जा रहा है कि इन सब वजहों से केशव ने वारदात की।
केशव करता था बाकी परिजनों से गाली-गलौज
पालम स्थित राजनगर पार्ट-2 में बुधवार सुबह सन्नाटा पसरा हुआ था। लोग जगह-जगह समूह बनाकर बस चारों लोगों की हत्या का ही जिक्र कर रहे थे। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि भला एक बेटा जन्म देने वाले माता-पिता और बहन-दादी की हत्या कैसे कर सकता है। एक साथ चार लोगों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। केशव अक्सर बाकी परिजनों से गाली-गलौज करता था। मंगलवार सुबह रुपयों को लेकर केशव मां से झगड़ा भी हुआ था। परिजनों ने बताया कि जिस पोते से दादी सबसे अधिक प्यार करती थी, उसने उन्हें भी नहीं छोड़ा। दीवानो देवी अक्सर केशव को चुपचाप रुपये दे देती थीं।
कई दिन बाद जब केशव घर आया था तो वह खुद को रोक नहीं सकीं और उससे मिलने के लिए छोटे बेटे दिनेश के घर चली गईं। फिलहाल दो दिनों से वह वहीं रुकी हुई थीं। अब बड़े बेटे चंद्रपाल को मलाल है कि मां क्यों उनका घर छोड़कर छोटे भाई के यहां चली गई थी। दिनेश के पिता रामानंद शर्मा दिल्ली के बड़े वेटनरी डॉक्टर थे। उनका इलाके में खासा नाम था।
चंद्रपाल ने भी पिता के कहने पर वेटनरी डॉक्टर की पढ़ाई की। वर्ष 2014-15 में रामानंद शर्मा की मौत हुई तो बड़े बेटे ईश्वर सिंह ने अलग मकान बना लिया। वह गली में दो-तीन मकान छोड़कर ही रहते हैं। चंद्रपाल और दिनेश एक ही मकान में पहली और दूसरी मंजिल पर रहते थे। दीवानो देवी कुछ-कुछ समय के लिए अपने तीनों ही बेटों के पास रुकती थीं।
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