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नजफगढ़ ड्रेन के साथ कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात, रावता व दौराला में हालात बिगड़ने के कगार पर पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने का असर उसके किनारे स्थित इलाकों पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सीमावर्ती गांवों पर भी पड़ा है। साहिबी नदी (नजफगढ़ ड्रेन) के साथ कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, जबकि कई वर्षों से सालभर बाढ़ जैसी स्थिति से घिरे रावता व दौराला गांवों में हालात बिगड़ने के कगार पर पहुंच गए हैं। दरअसल यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण नजफगढ़ ड्रेन समेत उसमें गिरने वाले नाले बंद कर दिए थे। इस कारण नजफगढ़ ड्रेन ओवरफ्लो हो गई और उसका पानी रावता व दौराला गांवों के रिहायशी इलाकों के पास पहुंच गया।
हरियाणा की ओर काफी हिस्से में नजफगढ़ ड्रेन पर बांध नहीं बना हुआ है। इस हिस्से में दिल्ली के सीमावर्ती रावता व दौराला गांव भी आते हैं। इस कारण हरियाणा के कई गांवों की तरह दिल्ली के इन दोनों गांवों के किसानों की करीब तीन सौ एकड़ कृषि भूमि पर सालभर पानी भरा रहता है। हाल ही में यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने पर तमाम नालों की तरह नजफगढ़ ड्रेन बंद कर दी गई थी। इस कारण रावता व दौराला गांवों की कृषि भूमि में बाढ़ का दायरा बढ़ गया। इस दौरान गांवों में करीब चार सौ एकड़ कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई है और दौराला गांव में भी काफी कृषि भूमि पर बाढ़ का पानी जमा हो चुका है।
रावता गांव के निवासी बिरेंद्र टोकस ने बताया कि गांव के पास बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। इलाके में बारिश होने या फिर यमुना में जलस्तर अत्याधिक बढ़ने पर उनके गांव में भी पानी घुस जाएगा। वहीं इसी गांव के महावीर ने बताया कि कृषि भूमि पर बाढ़ के पानी का दायरा बढ़ने पर इस कारण गांव के अधिकतर ग्रामीणों के समक्ष अनाज की कमी की समस्या पैदा हो जाएगी, जबकि कई वर्षों से गांव के आधे ग्रामीणों को अनाज खरीदना पड़ रहा है। उधर दौराला गांव के शुभराम के अनुसार, कृषि भूमि पर कई-कई फीट पानी जमा होने के कारण रावता की तरह उनके गांव के ग्रामीणों को भी अनाज की कमी का सामना करना पड़ेगा।
नजफगढ़ ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण गालिबपुर, सारंगपुर, झुलझली, मलिकपुर, दरियापुर खुर्द, घुमनहेड़ा, शिकारपुर, झटीकरा आदि गांवों में बारिश के पानी की निकासी की दिक्कत हो गई है। इलाके में बारिश होने की स्थिति में इन गांवों की सड़कें व गलियां जलमग्न हो जाती हैं और कई घंटे तक इन गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। इन गांवों में पिछले कई दिनों से बारिश होती रहती है।
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