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मध्य रिज में पहले चरण में 12 फीडिंग प्वाइंट्स का किया जाएगा निर्माण
लोग भी दे सकते हैं वन्य जीवों के फीडिंग प्वाइंट्स के लिए खाना
आशीष सिंह
नई दिल्ली। वन्यजीवों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए मध्य रिज में फीडिंग प्वाइंट्स बनाए जाएंगे। ऐसे में वन्यजीवों को खाने की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इन्हें रिज के अंदर ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। वन्यजीव संरक्षण के लिए रिज में तीन स्तर पर यह प्वाइंट्स बनेंगे। पहले चरण में मध्य रिज में 12 फीडिंग प्वाइंट्स बनेंगे। इसमें वंदे मातरम् मार्ग, रिज के ए पॉकेट में इन्हें बनाने की पहल है। दिल्ली वन विभाग ऐसी जगहों की पहचान कर रही है, जहां वन्यजीवों का अधिक आना-जाना है। इस पहल को जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। वन विभाग का उद्देश्य वन्यजीवों को चोटिल होने से बचाना है।
483 एकड़ में फैले मध्य रिज में बंदर, सियार, मोर व नील गाय समेत विभिन्न पशु-पक्षियों का बसेरा है। यहां रोजाना सैकड़ों लोग सड़क किनारे वन्यजीवों को खाना देने आते हैं। ऐसे में यह जानवर कई बार भोजन की तलाश में सड़कों तक आ जाते हैं। यही नहीं, बंदर तो कॉलोनी तक पहुंच जाते हैं। इससे सड़क पर वाहनों की चपेट में आने से वन्यजीव चोटिल हो जाते हैं, यहां तक कुछ तो मर भी जाते हैं। दिल्ली वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एक महीने में कम से कम 30 वन्यजीवों के चोटिल होने की सूचना मिलती है। जिसमें कई बार वन्यजीवों की इलाज के दौरान मृत्यु हो जाती है।
इसमें खास बात यह है कि पाबंदी के बावजूद जो लोग वन्यजीवों को सड़कों के किनारे खाना देते हैं, वह भी इन फीडिंग प्वाइंट्स के लिए खाना दे सकते हैं। इसमें लोगों को वन विभाग एक जगह बताएगा, जहां खाना एकत्रित किया जाएगा। इसके बाद यह खाना फीडिंग प्वाइंट्स में भेजा जाएगा। इस पहल का वन्यजीव प्रेमियों ने भी स्वागत किया है। वन्यजीव प्रेमियों ने कहा कि इस तरह की योजना सभी रिज क्षेत्रों में लागू करनी चाहिए।
वर्जन
इस योजना को लेकर लंबे समय से कार्य किया जा रहा था, अब इसका ड्राॅफ्ट बन गया है। मंजूरी मिलते ही इसको लागू किया जाएगा। इसके बनने से वन्य जीवों को भोजन के लिए रिज से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वन्यजीवों को दुर्घटना का शिकार होने से बचाने के लिए यह योजना बनाई गई है। -नवनीत श्रीवास्तव, उप वन संरक्षक, पश्चिमी मंडल
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