Delhi News: सुविधा का बेवजह इस्तेमाल, मैं चाहे यहां रोकू या वहां, मेरी मर्जी

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ट्रेन में चेन पुलिंग सुविधा का दिल्ली मंडल में हो रहा गलत इस्तेमाल

हर दिन 18 मामले, एक की भी वजह वैध नहीं, पीक ऑवर्स में ज्यादा मामले

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। आपात स्थिति में रेल मुसाफिरों की सहूलियत के लिए दी गई चेन पुलिंग की सुविधा लंबी दूरी के यात्रियों के साथ रेलवे के लिए भी सिरदर्द बन गई है। दिल्ली मंडल में हर दिन औसतन 18 मामले चेन पुलिंग के आते हैं। इसमें से एक की भी वजह वैध नहीं है। जबकि एक बार की चेन पुलिंग से ट्रेन संचालन में औसतन दस मिनट की देरी होती है। इससे रेलवे का पूरा शिड्यूल बेपटरी हो रहा है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि बीते साल की तुलना में इस साल इसमें 32 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में इसके मामले ज्यादा दिखते हैं। इससे उस रूट पर चलने वाली दूसरी कई रेल गाड़ियों का संचालन बेपटरी हो जाता है।

दिल्ली मंडल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल 30 सितंबर तक चेन पुलिंग के 4,567 मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 3107 मामले सामने आए थे। इजाफा करीब 32 फीसदी का है। इसमें एक भी वाकया ऐसा नहीं मिला, जिसमें किसी वैध वजह से ट्रेन रोकी गई है। ज्यादा मामले सुबह और शाम पीक ऑवर्स में होते हैं।

यहां होते हैं सबसे ज्यादा मामले

दिल्ली-रोहतक दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल, दिल्ली-गाजियाबाद रूट पर ज्यादा मामले आते हैं। अधिकारी बताते हैं कि छात्र व नौकरीपेशा और सुबह के समय एनसीआर से दिल्ली में दूध-सब्जी समेत दूसरे उत्पाद लाने वाले इसमें शामिल होते हैं। इनका मकसद अपनी मंजिल के नजदीक ट्रेन रोकने का होता है।

ट्रेनों में चेन खींचने के मामले में रेलवे एक्ट की धारा 141 में कार्रवाई की जाती है। इसमें 500 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का जुर्माना है। यह जुर्माना रेलवे कोर्ट में देना होता है। चेन पुलिंग रोकने के लिए आरपीएफ ने सादे कपड़ों में जवानों को रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में तैनात किया है। – प्रियंका शर्मा, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), दिल्ली मंडल

अधिकतर मामले में रहती है यह वजह

-घर व कार्यालय का नजदीक होना

-ट्रेन न रुकने के कारण या गलत ट्रेन में चढ़ जाना

-ट्रेन में कोच बदलने के लिए

-सामान अधिक होने के कारण यात्री उतर नहीं पाते, तब चेन पुलिंग

-बिना टिकट होने पर टीटीई को देखकर

आंकड़े…

वर्ष ——मामले——गिरफ्तारी———जुर्माना वसूला

2022——3107———2227——1389500

2023——4567———3378——1473100

दोनों वर्ष के आंकड़े एक जनवरी से 30 सितंबर तक के हैं

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हर माह 400 से अधिक आ रहे मामले

माह————मामले————-गिरफ्तारी————-जुर्माना वसूला

अप्रैल———-411——————308——————138300

मई————-556——————417——————186400

जून————-672——————537—————-258750

जुलाई———492——————-376——————176600

अगस्त———476——————-321——————112900

सितंबर——-535——————-359——————-101450

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