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भगवान विष्णु (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : Social media
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पांच महीने के बाद भगवान विष्णु बृहस्पतिवार को देवउठनी एकादशी पर योग निद्रा से जागेंगे। इसके साथ ही चातुर्मास का समापन हो जाएगा और मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
वाराणसी से प्रकाशित हृषिकेश पंचांग के अनुसार, इस दिन कार्तिक शुक्ल एकादशी का मान पूरे दिन और रात आठ बजकर 21 मिनट तक है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र भी शाम पांच बजकर 23 मिनट तक है। इस दिन छत्र नामक औदायिक योग है। सूर्योदय की तिथि में एकादशी होने से देवउठनी एकादशी इसी दिन मान्य रहेगा।
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