[ad_1]

दिवाली का त्योहार
– फोटो : iStock
विस्तार
दिवाली यानि अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक का पर्व। दिवाली हर वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। ये पर्व धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज पर संपन्न होता है। हर एक दिन खास और विशेष महत्व लिए है। इस बार दिवाली पर्व में पांच उत्सव होंगे लेकिन दिवाली छह दिनों की है। तिथियों में भुगत भोग्य यानी घटने-बढ़ने के कारण पर्व छह दिनों तक चलेगा। शुरुआत 10 नवंबर को धनतेरस से होगी। 11 को रूप चतुर्दशी, 12 को दिवाली, 14 को गोवर्धन पूजा और 15 को भाई दूज मनाया जाएगा।
धनतेरस आज
कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धन त्रयोदशी या धनतेरस कहा जाता है इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव के साथ गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा का विधान है। धनतेरस को भगवान धन्वंतरि का अवतार हुआ था। सृष्टि के सर्वप्रथम चिकित्सक होने के कारण इन्हें चिकित्सकों का आराध्य देव माना जाता है। भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के समय सभी औषधीय को लेकर प्रकट हुए थे इसलिए उन्हें प्रकृति में व्याप्त समस्त औषधीय का संपूर्ण ज्ञान है। इस दिन स्वर्ण या चांदी का सिक्का, गहने इलेक्ट्रॉनिक का सामान पीतल या अन्य धातुओं के बर्तन आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
ये भी पढ़ें – Dhanteras 2023: धनतेरस पर आज 150 साल बाद धन वृद्धि महासंयोग, इस शुभ मुहूर्त में करें खरीदारी; जानें पूजा विधि
[ad_2]
Source link