Drone: हिमाचल के हर गांव से दो लोगों को रोजगार देगा ड्रोन, केंद्र सरकार देगी प्रशिक्षण

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ड्रोन क्रांति।

ड्रोन क्रांति।
– फोटो : अमर उजाला

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कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल के लिए युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एग्रीड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना के तहत प्रदेश में हर गांव से दो-दो युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसका खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। कॉमन सर्विस सेंटर, उर्वरक कंपनियाें और ड्रोन कंपनियों से पायलटों को कृषि क्षेत्र में उपयोग के लिए किराये पर ड्रोन उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेतों में फसलों पर ड्रोन से छिड़काव के एवज में ड्रोन पायलट सर्विस चार्ज लेकर कमाई कर सकेंगे। कृषि विभाग के सहयोग से इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन एग्रीड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना लागू करने की तैयारी कर रहा है। 

कृषि क्षेत्र में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से किसान अपने खेतों में ड्रोन की मदद से कीटनाशकों का छिड़काव करेंगे। अनुमान है कि ऐसा करने से जहां उत्पादन बढ़ेगा वहीं समय की बचत होगी और लागत भी घटेगी। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक अब अन्य कृषि उपकरणों की तर्ज पर 10 लाख तक के ड्रोन खरीद कर किसानों को किराये पर उपलब्ध करवा सकते हैं। प्रशिक्षित ड्रोन पायलट सीएससी से किराये पर ड्रोन लेकर किसानों को सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।

एग्री ड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना से देंगे रोजगार : मुकेश
ड्रोन संचालन के माध्यम से रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार की एग्रीड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना लागू करने की तैयारी है। ग्राम स्तर पर दो-दो ड्रोन पायलट प्रशिक्षित होंगे। कॉमन सर्विस सेंटर, उर्वरक और ड्रोन कंपनियां ड्रोन पायलटों को किराए पर ड्रोन देंगी। फसलों पर छिड़काव के एवज में ड्रोन पायलट सर्विस चार्ज लेकर कमाई करेंगे।– मुकेश रेपसवाल, प्रबंध निदेशक, राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन

विस्तार

कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल के लिए युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एग्रीड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना के तहत प्रदेश में हर गांव से दो-दो युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसका खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। कॉमन सर्विस सेंटर, उर्वरक कंपनियाें और ड्रोन कंपनियों से पायलटों को कृषि क्षेत्र में उपयोग के लिए किराये पर ड्रोन उपलब्ध करवाए जाएंगे। खेतों में फसलों पर ड्रोन से छिड़काव के एवज में ड्रोन पायलट सर्विस चार्ज लेकर कमाई कर सकेंगे। कृषि विभाग के सहयोग से इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन एग्रीड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना लागू करने की तैयारी कर रहा है। 

कृषि क्षेत्र में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से किसान अपने खेतों में ड्रोन की मदद से कीटनाशकों का छिड़काव करेंगे। अनुमान है कि ऐसा करने से जहां उत्पादन बढ़ेगा वहीं समय की बचत होगी और लागत भी घटेगी। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक अब अन्य कृषि उपकरणों की तर्ज पर 10 लाख तक के ड्रोन खरीद कर किसानों को किराये पर उपलब्ध करवा सकते हैं। प्रशिक्षित ड्रोन पायलट सीएससी से किराये पर ड्रोन लेकर किसानों को सुविधा उपलब्ध करवाएंगे।

एग्री ड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना से देंगे रोजगार : मुकेश

ड्रोन संचालन के माध्यम से रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार की एग्रीड्रोन इंटरप्रेन्योर योजना लागू करने की तैयारी है। ग्राम स्तर पर दो-दो ड्रोन पायलट प्रशिक्षित होंगे। कॉमन सर्विस सेंटर, उर्वरक और ड्रोन कंपनियां ड्रोन पायलटों को किराए पर ड्रोन देंगी। फसलों पर छिड़काव के एवज में ड्रोन पायलट सर्विस चार्ज लेकर कमाई करेंगे।– मुकेश रेपसवाल, प्रबंध निदेशक, राज्य इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन



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