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ड्रोन क्रांति।
– फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के आईटीआई शाहपुर में देश के तीसरे और प्रदेश के पहले ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र से अब तक करीब 122 परीक्षार्थियों को प्रशिक्षण देकर ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। मार्च, 2022 में यह केंद्र शुरू हुआ था। ड्रोन प्रशिक्षण के लिए एक बैच में छह से सात विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दी जाती है। एक हफ्ते तक चलने वाले इस कोर्स के लिए 55 हजार प्लस जीएसटी फीस रखी गई है। ड्रोन इंस्ट्रक्टर रोहित कुमार ने बताया कि उन्होंने ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण शाहपुर से ही लिया था और आज वह यहां पर प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों को ड्रोन उड़ाना सिखाते हैं।
ड्रोन उड़ाने के लिए करीब एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलता है, जिसमें दो दिन ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाती हैं। इसके बाद तीसरे दिन अभ्यर्थियों का 30 नंबर की परीक्षा होती है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को आगे की ट्रेनिंग के लिए चयनित किया जाता है। वहीं शाहपुर से ड्रोन का प्रशिक्षण लेकर गए दिवाकर ने बताया कि इस क्षेत्र में नौकरी के काफी अवसर हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नौकरी करने लगे थे, लेकिन कुछ निजी कारणों के चलते उन्हें हाल ही में अपनी जॉब को छोड़ना पड़ा। उन्होंने बताया कि ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लेने और लाइसेंस मिलने के बाद इस क्षेत्र में नौकरी की बहुत संभावनाएं हैं। इस दौरान ड्रोन मेकेनिक से लेकर अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पर पैदा होंगे।
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