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महागौरी की कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां पार्वती ने शंकर जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अपने पूर्व जन्म में कठोर तपस्या की थी तथा शिव जी को पति स्वरूप प्राप्त किया था। शिव जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए मां ने जब कठोर तपस्या की थी तब मां गौरी का शरीर धूल मिट्टी से ढंककर मलिन यानि काला हो गया था. इसके बाद शंकर जी ने गंगाजल से मां का शरीर धोया था. तब गौरी जी का शरीर गौर व दैदीप्यमान हो गया. तब ये देवी महागौरी के नाम से विख्यात हुईं.
आराधना मंत्र
श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।
महाष्टमी व्रत का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी के रुप में मनाया जाता है. नवरात्रि में अष्टमी तिथि को महाष्टमी कहा जाता है. इस दिन मां दुर्गा की महागौरी के रुप में पूजा होती है. इस दिन देवी के अस्त्रों के रुप में पूजा होती है इसलिए इसे कुछ लोग वीर अष्टमी भी कहते हैं. मान्यता है कि इस दिन पूजा अर्चना करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और आपके सभी दुखों को दूर करती हैं.
कन्या पूजन पर मिलता है विशेष फल
दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन कराने का विधान है. इस दिन 02 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं का पूजन किया जाता है. हर उम्र की कन्या अलग अलग देवियों का रूप होती हैं. उनके अलग अलग आशीर्वाद प्राप्त होता है. कन्या पूजन करने से मां दुर्गा का आशीष मिलता है क्योंकि ये कन्याएं मां दुर्गा का स्वरूप मानी जाती हैं. यह कन्या पूजन नवरात्रि या दुर्गा पूजा का महत्वपूर्ण भाग है.
रवि और शोभन योग में दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी के दिन रवि योग और शोभन योग बना है. ये दोनों ही योग मांगलिक कार्यों के लिए शुभ हैं. शोभन योग प्रातःकाल से लेकर दोपहर 02 बजकर 22 मिनट तक है. रवि योग देर रात 12 बजकर 25 मिनट से लेकर अगली सुबह 06 बजकर 15 मिनट तक है.
कन्या पूजन के उत्तम मुहूर्त
अमृत- सुबह 06:15 बजे से सुबह 07:44 बजे तक.
शुभ- सुबह 09:12 बजे से सुबह 10:41 बजे तक.
लाभ- दोपहर 03:07 बजे से शाम 04:36 बजे तक व शाम 04:36 बजे से शाम 06:05 बजे.
कन्याओं को दें ये चीजें
अष्टमी तिथि को कन्या पूजा किया जाता है. इस दिन कन्या पूजन के दौरान 9 कन्याओं को उनके पसंद का भोज कराने के बाद उनकी जरूरत का कोई भी लाल रंग का सामान जरूर भेंट करें. मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से माता रानी की कृपा बनी रहती है.
महागौरी की पूजा का महत्व
नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि महागौरी की पूजा करने से शारीरिक व मानसिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है. महागौरी की पूजा से धन, वैभव व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.
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