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दुर्गा पूजा के आखिरी दिन विजय दशमी को पूजा पंडाल में सिंदूर खेला जाता है.

महिलाएं एक-दूसरे के गालों पर सिंदूर लगाती हैं और मां दुर्गा को विदाई देती हैं.

मां दुर्गा को विदा करने से पहले महिलाएं नाचती हैं, गाती हैं और सिंदूर खेलतीं हैं.

हर उम्र की सुहागिन इस सिंदूर खेला में शामिल होतीं हैं.

सिंदूर खेलने के लिए विशेष रूप से लाल पाड़ वाली सफेद साड़ी महिलाएं पहनतीं हैं.

शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को लाल रंग बेहद प्रिय है. इसलिए सिंदूर खेला का विशेष महत्व है.

रांची में सिंदूर खेला के दौरान सुहागिनों की खुशियां देखते ही बन रही थी.

सिंदूर खेला के दौरान पंडाल में ऐसा माहौल बन जाता है, मानो महिलाएं होली खेल रहीं हों.

पूजा के बाद सिंदूर लगाकर सुहागिनें एक-दूसरे
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