Dwarka Expressway: द्वारका एक्सप्रेसवे जल्द ही खुलने वाला है, लेकिन फंसा हुआ है एक पेंच!

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NHAI officials says Dwarka Expressway set to open soon Know Details

द्वारका एक्सप्रेस वे
– फोटो : अमर उजाला

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भारत का पहला एलिवेटेड शहरी एक्सप्रेसवे, Dwarka Expressway(द्वारका एक्सप्रेसवे) जल्द ही यातायात के लिए खुल सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के गुड़गांव सेगमेंट को मार्च के पहले सप्ताह तक खोले जाने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने तक द्वारका एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं।

गडकरी ने हाल ही में कहा था कि द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली और गुड़गांव के बीच यातायात प्रवाह को आसान बनाने वाले इस एक्सप्रेसवे को आखिरी रूप दिया जा रहा है। स्ट्रीट लाइट लगाने, सड़क पर लेन को मार्क करने जैसे छोटे-मोटे कार्य किए जा रहे हैं, जो कुछ हफ्तों में पूरे होने की उम्मीद है। हालांकि, दिल्ली सेगमेंट को पूरा करने में ज्यादा समय लग सकता है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में द्वारका एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य का सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। गडकरी ने कहा, “हमने प्रधानमंत्री से UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरे किए गए पैकेजों का उद्घाटन करने का अनुरोध किया है। मुझे उम्मीद है कि अगले 10-12 दिनों में हमें उनका समय मिलेगा और हम इन सड़कों का उद्घाट करेंगे।”

द्वारका एक्सप्रेसवे, जिसे नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड के नाम से भी जाना जाता है, 29 किलोमीटर लंबा 16 लेन वाला एक्सप्रेसवे है। यह दिल्ली के द्वारका को हरियाणा के गुड़गांव से जोड़ता है। यह NH-8 या दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर शिव-मूर्ति से शुरू होता है और द्वारका सेक्टर 21, गुड़गांव बॉर्डर और बसाई के जरिए खेरकी दौला टोल प्लाजा के पास खत्म होता है। एक्सप्रेसवे का करीब 19 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में आता है। जबकि बाकी 10 किलोमीटर का हिस्सा दिल्ली में है। द्वारका एक्सप्रेसवे में 3.6 किलोमीटर लंबा और 8 लेन चौड़ा सबसे लंबा और चौड़ा शहरी रोड टनल भी होगा।

नए एक्सप्रेसवे से उम्मीद है कि यात्रियों को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रूट मिलेगा। यह नेशनल हाईवे 8 पर ट्रैफिक को भी करीब 50 फसदी कम करने में मदद करेगा।

द्वारका एक्सप्रेसवे अद्वितीय विशेषताओं के साथ एक मेगा स्ट्रक्च है। 9,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित, इसमें करीब 2.07 लाख मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है, जो कि प्रतिष्ठित एफिल टॉवर को बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए स्टील से 30 गुना ज्यादा है। एक्सप्रेसवे में करीब 20 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट का भी इस्तेमाल किया गया है, जो कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, बुर्ज खलीफा को बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए कंक्रीट से 6 गुना ज्यादा है।

 

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