Election 2024 : एनडीए में सीट बंटवारे से फंस गई भाजपा; प्रत्याशियों की सूची में देर, बदलना न पड़ जाए फॉर्मूला

[ad_1]

Bihar News : Lok Sabha Election 2024 bjp list shahnawaz hussain jdu list nda seat shairng may be revised

अभी बहुत कुछ फंसा लग रहा है, देरी से यही पता चलता है।
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार


सिंबल देना, मतलब सीट पर प्रत्याशी को नामांकन के लिए पार्टी की ओर से अनुमति देना। महागठबंधन अबतक बिहार की 40 लोकसभा सीटों को अपने घटक दलों के अंदर बांट नहीं सका है। एक-दो दिन में बंटवारे की बात कही जा रही है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की ओर से कई उम्मीदवारों को सिंबल मिलने की भी सूचना सामने आ चुकी है। दूसरी तरफ, तीन दिन पहले बिहार की 40 लोकसभा सीटों को अपने घटक दलों में बांटकर पशुपति कुमार पारस को छोड़ देने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बड़े दल प्रत्याशियों की घोषणा तक नहीं कर पा रहे। सीट शेयरिंग में समय लगना समझ में आता है, लेकिन अब प्रत्याशियों की सूची में देर क्यों? इस सवाल का जवाब ढूढ़ने में यह सामने आ रहा है कि बंटवारा करने में कुछ अनदेखी हो गई है। प्रत्याशियों की मजबूत दावेदारी को दरकिनार कर पार्टियों के बीच सीट बंट गए। घोषणा कभी भी हो सकती है, लेकिन मामला इसी में  फंसा है। नाम घोषित होने के बाद हंगामा नहीं बचे, इसलिए कल भी मंथन चला। आज भी दिनभर जगह-जगह चल रहा है।

एक-एक सीट वाले पक्के, मांझी कर चुके नामांकन

सीट बंटवारे में गया और काराकाट को लेकर भी संकट हो सकता था, लेकिन इन दोनों सीटों पर अब कोई बात नहीं हो रही है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सर्वेसर्वा जीतन राम मांझी को गया सीट से पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिया है। गया में चुनाव पहले चरण में है। वह 28 मार्च को नामांकन करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की काराकाट सीट पर चुनाव सातवें चरण में है। उनकी सीट पर भी कोई संशय नहीं है। मांझी और कुशवाहा को एक-एक सीट ही मिली भी है। संकट बाकी तीनों दल भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बीच बंटवारे में है। हालत यह है कि भाजपा के किसी नेता को चिराग पासवान की पार्टी से मौका मिले तो चौंकाने वाली बात नहीं होगी।

शाहनवाज, सुशील मोदी जैसे दिग्गज क्या करेंगे

सीट बंटवारे में अहम भूमिका भाजपा की ही रही। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 17 सीटों पर प्रत्याशी दिए थे और सभी जीते थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड ने 17 प्रत्याशी उतारे, जिनमें 16 जीते थे। लोजपा ने छह प्रत्याशी उतारे थे, सभी जीते थे। इस बार लोजपा के खाते से एक टिकट घटाया गया। जदयू को 16 पर ही मौका मिला। भाजपा ने 17 सीटें रखीं। इतना कुछ किया तो गया, लेकिन कई दिग्गजों की अनदेखी कर दी गई। भाजपा के अंदरखाने चर्चा सबसे ज्यादा भागलपुर सीट पर है। यह सीट जदयू के पास पिछली बार थी। इस बार भी छोड़ दी गई। इस सीट सुशील कुमार मोदी, सैयद शाहनवाज हुसैन जैसे भाजपाई दिग्गजों की रही है। सुशील मोदी पटना साहिब से भी सांसद रहे हैं। उन्हें और शाहनवाज हुसैन को राज्यसभा भी नहीं भेजा गया। शाहनवाज हुसैन भागलपुर के अलावा किशनगंज के लिए भी बड़ा नाम हैं, लेकिन दोनों सीटें जदयू को दे दी गईं। 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *