Excise Department: बिलासपुर के चार टोल बैरियर, आबकारी विभाग ने अपने अधीन लिए, जानें वजह

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आबकारी एवं कराधान विभाग

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– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के तहत आने वाले गरामोड़ा, सेलाघोड़ा, कोलांवाला टोबा व ग्वालथाई स्थित टोल बैरियर को अब आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने अधीन कर लिया है। ठेकेदार द्वारा बकाया राशि न चुकाने के चलते यह कदम उठाया गया है। प्रति छोटे वाहन से 30 और बड़े से 50 रुपये लिए जाते हैं। ठेकेदार पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का बकाया है। विभाग ने कई बार ठेकेदार को बकाया चुकता करने के लिए नोटिस दिए लेकिन कोई भी जवाब नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार 19 नवंबर रात 12:00 बजे के बाद विभाग के कर्मचारी इन सब बैरियरों पर पहुंच गए और काम करना शुरू कर दिया।

हिमाचल में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों को पर्ची कटवानी पड़ती है। इससे होने वाली आय सरकार के खजाने में जमा होती है। इसके लिए ठेकेदार को यह कार्य दिया जाता है। बिलासपुर जिले के तहत चार बैरियर हैं, जिन्हें ठेके पर दिया गया था। हर माह करीब 1.17 करोड़ रुपये ठेकेदार को जमा करवाने होते थे। लेकिन उक्त ठेकेदार ने जुलाई के बाद से यह पैसा जमा नहीं करवाया था। आबकारी एवं कराधान विभाग के डिप्टी कमिश्नर शिल्पा कपिल ने पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग ने चारों बैरियरों को अपने अधीन कर लिया है। विभाग के कर्मचारी ही बैरियरों का काम देख रहे हैं। जब तक इन बैरियरों की नीलामी नहीं हो जाती, ये बैरियर विभाग के अधीन रहेंगे। 

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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के तहत आने वाले गरामोड़ा, सेलाघोड़ा, कोलांवाला टोबा व ग्वालथाई स्थित टोल बैरियर को अब आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने अधीन कर लिया है। ठेकेदार द्वारा बकाया राशि न चुकाने के चलते यह कदम उठाया गया है। प्रति छोटे वाहन से 30 और बड़े से 50 रुपये लिए जाते हैं। ठेकेदार पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का बकाया है। विभाग ने कई बार ठेकेदार को बकाया चुकता करने के लिए नोटिस दिए लेकिन कोई भी जवाब नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार 19 नवंबर रात 12:00 बजे के बाद विभाग के कर्मचारी इन सब बैरियरों पर पहुंच गए और काम करना शुरू कर दिया।

हिमाचल में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों को पर्ची कटवानी पड़ती है। इससे होने वाली आय सरकार के खजाने में जमा होती है। इसके लिए ठेकेदार को यह कार्य दिया जाता है। बिलासपुर जिले के तहत चार बैरियर हैं, जिन्हें ठेके पर दिया गया था। हर माह करीब 1.17 करोड़ रुपये ठेकेदार को जमा करवाने होते थे। लेकिन उक्त ठेकेदार ने जुलाई के बाद से यह पैसा जमा नहीं करवाया था। आबकारी एवं कराधान विभाग के डिप्टी कमिश्नर शिल्पा कपिल ने पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग ने चारों बैरियरों को अपने अधीन कर लिया है। विभाग के कर्मचारी ही बैरियरों का काम देख रहे हैं। जब तक इन बैरियरों की नीलामी नहीं हो जाती, ये बैरियर विभाग के अधीन रहेंगे। 



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