[ad_1]

दाखिले
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में इस सत्र से एमबीबीएस, बीडीएस के सभी दाखिले केंद्रीय काउंसिलिंग से होंगे। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक एवं मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अतुल गोयल की ओर से इस संबंध में चिट्ठी आई है। नई व्यवस्था के तहत अब राज्य कोटे की 85 प्रतिशत सीटें भी एमसीसी के माध्यम से भरी जाएंगी। इसके लिए एमसीसी ने राज्य से आरक्षण नियमों के साथ ही नोडल अफसर का नाम, नंबर और ई-मेल पता मांगा है।
अभी तक मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (एमसीसी) के माध्यम से उत्तराखंड के सरकारी कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटों का आवंटन किया जाता है। नई व्यवस्था के तहत अब इन 15 प्रतिशत के साथ ही राज्य के होनहारों की 85 प्रतिशत एमीबीबीएस-बीडीएस की सीटें भी एमसीसी की काउंसिलिंग से ही भरी जाएंगी। इससे राज्य के युवाओं को ये फायदा होगा कि उन्हें ऑल इंडिया और स्टेट कोटे की काउंसिलिंग के लिए अलग-अलग फीस और आवेदन के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
अभी तक स्टेट कोटे की सीटों पर दाखिले के लिए एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विवि के स्तर से ऑनलाइन काउंसिलिंग कराई जाती रही है। एचएनबी मेडिकल विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद्र ने बताया कि इस संबंध में एक पत्र आया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से प्रदेश के होनहारों का समय और धन दोनों बचेंगे।
राज्य से आरक्षण संबंधी जानकारी मांगी
एनएमसी ने उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजकर एमबीबीएस, बीडीएस दाखिलों में दिए जाने वाले आरक्षण के सभी नियमों की जानकारी मांगी है। साथ ही राज्य से समन्वय बनाने के लिए एक नोडल अफसर तैनात होगा। एनएमसी ने नोडल अफसर का नाम, नंबर, ई-मेल आईडी भी मांगी है।
[ad_2]
Source link