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– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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घुटने या कूल्हे के इंप्लांट से पहले शरीर में मौजूद बैक्टीरिया खात्मा जरूरी होता है। इसके लिए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के माइक्रोबॉयोजॉली विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर दीपक जुयाल ने नई तकनीक पर शोध किया है। उस तकनीक का नाम है- बंडल्ड इंटरवेंशन। मालूम हो कि अब तक विशेषज्ञ इंप्लांट से पहले बैक्टीरिया नष्ट करने के लिए एंटीबॉयोटिक साबुन से नहाने और इंजेक्शन की सलाह देते रहे हैं।
कूल्हे और घुटने के इंप्लांटेशन से पहले साबुन से नहाने या एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन लगवाने से शरीर में बैक्टीरिया बचे होने की संभावना रहती है। इससे इंप्लांटेशन फेल हो सकता है। ऐसे में नई तकनीक बंडल्ड इंटरवेंशन पर शोध के बाद डॉक्टरों ने इसी के जरिये बैक्टीरिया नष्ट करने पर जोर दिया है। एक शोध में इस तकनीक ने खुद को साबित भी किया है। इस संबंध में दून अस्पताल के डॉ. दीपक जुयाल का शोध अमेरिकन जर्नल ‘सर्जिकल इंफेक्शंस’ में अगस्त 2023 में प्रकाशित हुआ है।
डॉ. जुयाल ने बताया कि शोध के दौरान 48 मरीज ऐसे लिए गए जिन्होंने नहाने और बैक्टीरिया नष्ट करने का इंजेक्शन लेने के बाद इंप्लांट सर्जरी करवाई थी। दूसरी ओर 50 ऐसे मरीज लिए गए जिनके शरीर से बंडल्ड इंटरवेंशन तकनीक से बैक्टीरिया नष्ट किए गए थे। शोध का परिणाम यह रहा कि जिन्होंने बंडल्ड इंटरवेंशन तकनीक अपनाई थी इन मरीजों को बैक्टीरिया इंफेक्शन न के बराबर रहा। जबकि, नहाने के बाद इंप्लांट सर्जरी करवाने वाले मरीजों में बैक्टीरिया इंफेक्शन अधिक देखने को मिला। 2017 से 2021 तक यह शोध चला है। सर्जरी होने के बाद एक से तीन साल तक मरीजों का फॉलोअप भी किया गया।
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