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कोर्ट का आदेश
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अलीगढ़ महानगर के जयगंज इलाके से बाइक सवार द्वारा अगवा कर ले जाई गई सात वर्षीय बच्ची संग घुडिय़ाबाग के खंडहर मकान में दुष्कर्म की कोशिश की वारदात में न्यायालय ने फैसला सुना दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत ने 41 दिन पुरानी इस वारदात में मात्र 24 दिन के ट्रायल में बृहस्पतिवार को आरोपी को दोषी करार देकर सात वर्ष कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत इतने कम समय में जनपद न्यायालय में किसी मुकदमे में सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी महेश सिंह के अनुसार ये घटना 14 जुलाई की शाम करीब सात बजे की है। वादी मुकदमा के अनुसार सासनी गेट जयगंज इलाके के पीडि़त परिवार की सात वर्ष की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। तभी बाइक सवार दो लोग उसे टॉफी दिलाने के बहाने अगवा कर ले गए। बाद में उसे देहली गेट की घुडिय़ाबाग चौकी के पास के एक खंडहर मकान में ले जाकर दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के शोर पर पास ही एक छोले वाले ने जब उस मकान में ध्यान दिया तो वह अंदर की ओर गया। उसे आता देख एक आरोपी वहां से भागा।
अंदर बच्ची अकेली मिली। उसकी सूचना पर पुलिस व आसपास के लोग आ गए। बाद में बच्ची की पहचान व परिवार की पहचान पर परिजन भी आ गए। मामले में सीओ प्रथम अभय कुमार पांडेय ने टीम लगाकर सीसीटीवी की मदद से जांच शुरू की तो एक आरोपी बच्ची को अंदर ले जाते और फिर भागते कैद पाया गया। जिसकी पहचान 43 वर्षीय जेके लॉज भुजपुरा कोतवाली के इमशाद के रूप में हुई। उसे 16 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साथ ही मामले में चार्जशीट दायर कर अभियोजन पैरवी के जरिये ट्रायल शुरू कराया गया।
न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर इमशाद को बृहस्पतिवार को दोषी करार देकर सात वर्ष कैद व तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जिसमें से 25 हजार रुपये पीडि़त को देने के आदेश दिए हैं। इस मुकदमे को शासन द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित किया गया था। इसी क्रम में इसका ट्रायल मात्र 24 दिन में पूरा हुआ है। बता दें कि दोषी करार इमशाद पर सासनी गेट में 2005 में किसी बालिका संग दुष्कर्म का आरोप लगा था।
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