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सीएम अरविंद केजरीवाल
– फोटो : फाइल फोटो
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फीडबैक यूनिट(एफबीयू) मामले में दिल्ली सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एलजी कार्यालय ने पूर्व सांसद संदीप दीक्षित और दो पूर्व मंत्रियों के पत्र को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को भेज दिया है।
खुफिया जानकारियां इकट्ठा करने के लिए एफबीयू के गठन पर सवाल उठने के बाद पूर्व सांसद सहित दो पूर्व मंत्री मंगत राम सिंघल और किरण वालिया ने एलजी को पत्र लिखकर एनआईए या सीबीआई से जांच करवाने की मांग की थी। इसे भ्रष्टाचार से अलग मानते हुए देशविरोधी गतिविधियां में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए दिल्ली सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ राजद्रोह की कार्रवाई की मांग की गई थी। इस मामले में आम आदमी पार्टी ने भी एलजी, कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस-भाजपा पर आप ने उठाए सवाल
आप ने निशाना साधते हुए कहा है कि यह देखना बहुत दिलचस्प है कि जब दिल्ली सरकार, बीजेपी से जुड़े किसी मामले की एलजी से शिकायत या संदर्भ लेती है तो वह उस पर कभी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। लेकिन कांग्रेस नेताओं की एक शिकायत पर बीजेपी के एलजी ने तुरंत एक्शन लिया है। इससे पता चलता है कि कैसे भाजपा और कांग्रेस पीठ पीछे एक समान हैं। कांग्रेस और बीजेपी एक है।
उपराज्यपाल ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश
गौरतलब है कि फरवरी में एलजी ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने बाद में सीबीआई को इस मामले में अभियोजित करने की कार्रवाई करने की अनुमति देकर सिसोदिया के खिलाफ नया मामला दर्ज करने का रास्ता साफ कर दिया था। यह मामला दिल्ली सरकार के विभागों द्वारा कथित तौर पर राजनीतिक खुफिया जानकारी एकत्र करने से जुड़ा है।
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