Firozabad News: ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही नाबालिग किशोरी का अपहरण करके किया दुष्कर्म, दोषी को आजीवन कारावास

[ad_1]

Court sentenced life imprisonment to convict who kidnapped and raped minor girl in Firozabad

कोर्ट ने सुनाया फैसला
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद ने नाबालिग किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के दोषी चुल्हावली निवासी दीपक उर्फ दीपू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 22 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।

घटनाक्रम 28 फरवरी 2013 का थाना टूंडला क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने थाना पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसकी नाबालिग बेटी (किशोरी) घर से स्कूल जाने के बाद ट्यूशन पढ़कर वापस लौटने को दौरान चुल्हावली निवासी दीपक उर्फ दीपू (प्राइवेट वाहनों का चालक) अगवा करके ले गया था। परिजन ने बेटी की खोजबीन की। 

यह भी पढ़ेंः- UP News: 39 महीने भी न चला 7 जन्मों का बंधन, शादी के 13 महीने बाद मुकदमा और अब राहें जुदा; वजह कर देगी हैरान

आरोपी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया,उसने वादी को धमकाया कि बेटी की यदि शादी करने को तैयार हो जाओ तभी मिलवा सकता हूं। अन्यथा बेटी की जिंदगी बरबाद किए जाने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के साथ मामले की जांच प्रारंभ कर दी। 

यह भी पढ़ेंः- पुराना घर ढहाते समय गिरी पक्की छत: मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत और दो घायल; परिजन ने शव रखकर सड़क की जाम

पुलिस ने विवेचना करके न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामला सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज पॉक्सो एक्ट विजय कुमार आजाद के न्यायालय में सुनवाई को पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक अजमोद सिंह चौहान ने दोषी को सख्त सजा दिलाने को हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की दलीलों को न्यायालय के समक्ष रखा। 

यह भी पढ़ेंः- Agra: घर में घूम रहा था खतरनाक प्रजाति का सांप, दहशत में बच्चों सहित कई घंटे कमरे में कैद रहा परिवार

न्यायाधीश ने फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर दीपक उर्फ दीपू को दोषी मानते हुए किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 22 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *