Flag of India : भारत के झंडे में कमल का फूल; डाक टिकटों के जरिए जानिए किस समय कैसा झंडा था हमारे देश का

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Patriotism is high on Indian Independence Day 2023, journey of tricolour Indian flag through india post bihar

राष्ट्रीय ध्वज की यात्रा।
– फोटो : अमर उजाला

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आज पूरा देश 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। देश की आजादी का यह जश्न ‘अमृत महोत्सव’ अभियान के तहत ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ थीम के साथ मनाया जा रहा है। देश के कोने-कोने में तिरंगा लहरा रहा है। यह तिरंगा हमारी आजादी का प्रतीक है। क्यों कि हर आजाद वतन का अपना एक राष्ट्रीय ध्वज होता है। यह ध्वज उस देश के लोगों का राष्ट्रीय पहचान होता है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। यही हमारा गौरव है और यही हमारी पहचान। कई सालों से डाक टिकट संग्रह करने वाले प्रदीप जैन ने कई ऐसे डाक टिकटों को संजोया है, जो कि हमारे राष्ट्रीय ध्वज की गौरव यात्रा बयां करता है। उन्होंने 1906 से लेकर 1947 तक के तिरंगे के चित्र का संग्रह किया है। आइए जानते हैं हमारे राष्ट्रीय ध्वज की गौरव यात्रा के बारे में…

सबसे पहले आजाद भारत के तिरंगे के बारे में जानिए

भारत की पहचान बन चुके तिरंगे में तीन रंगों की एक क्षैतिज पट्टी है। इसमें सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे गहरा हरा रंग है। इसकी चौड़ाई और लंबाई का अनुपात 2:3 है। सफेद पट्टी के केंद्र में एक नवी-नीला पहिया है। यह चक्र का प्रतिनिधित्व करता है। इसे हम आशोक चक्र भी कहते हैं। 

केसरिया, सफेद और हरा रंग क्या संदेश दे रहा

प्रदीप जैन के अनुसार, केसरिया रंग देश की ताकत और साहस को दर्शाता है। सफेद मध्य पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य को इंगित करती है। हरा रंग भूमि की उर्वरता, वृद्धि और शुभता को दर्शाता है। पहिए का डिज़ाइन अशोक के सारनाथ सिंह स्तंभ के अबेकस पर लगे पहिये जैसा दिखता है। इसमें 24 तीलियां हैं। 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइन को अपनाया गया था।

 

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