Flood Effects : डेंगू का डंक होगा जैसा, मिलेगा इलाज वैसा, वायरस का सीरो सर्वे शुरू, दो सप्ताह में आएगा परिणाम

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Dengue virus sero survey started, result will come in two weeks

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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बाढ़ और बारिश के बाद जलभराव ने डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका को बढ़ा दिया है। ये मामले स्वास्थ्य सुविधा पर कितना बोझ डालेंगे और इसका प्रभाव क्या होगा, पता करने के लिए डेंगू के वायरस का सीरो सर्वे शुरू हो गया है। दो सप्ताह के अंदर इस सर्वे का परिणाम आने की संभावना है। जांच में पता लग जाएगा कि अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में इस बार डेंगू का कौन सा वायरस प्रभावी है। 

विशेषज्ञों की मानें तो डेंगू से पीड़ित होने के पीछे चार वायरस डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4 जिम्मेदार हैं। इनमें से दो वायरस काफी घातक होते हैं। इससे संक्रमित होने पर मरीज की समस्या बढ़ जाती है। कई बार मरीज की मौत भी हो जाती है, जबकि दो अन्य वायरस से पीड़ित होने पर मरीजों में गंभीरता कम होती है। 

सीरो सर्वे करके पता लगाया जा रहा है कि इस बार डेंगू का कौन सा वायरस फैल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सर्वे में घातक वायरस पाए जाते हैं तो बड़े स्तर पर अस्पतालों में व्यवस्था करने के साथ उपचार के लिए गाइडलाइन तैयार करनी पड़ेगी। साथ ही सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी बिस्तर आरक्षित करने पड़ सकते हैं।

लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि डेंगू का सीरो सर्वे शुरू हो गया है। अभी अस्पताल में तीन-चार मरीज ही आ रहे हैं। इन मरीजों से सैंपल लेकर जांच की जा रही है। जांच के परिणाम दो सप्ताह में आ जाएंगे।

दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहे मामले

दिल्ली में डेंगू के मामले दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहे हैं। इस सप्ताह 27 मामले सामने आए थे, जबकि पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 14 था। वहीं अस्पतालों की माने तो दिल्ली नगर निगम के आंकड़े अस्पतालों के आंकड़ों से बिलकुल अलग हैं। अस्पतालों के अनुसार, दिल्ली में तेजी से मामले बढ़ने लगे हैं। बता दें कि डॉक्टरों ने इस साल तेजी से मामले बढ़ने की आशंका जाहिर की है।

बिना पर्चा नहीं मिलेगी दवा

डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए दिल्ली में बिना पर्चा कुछ दवाओं की ब्रिकी पर रोक लगा दिया गया है। दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने इसे लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। इस आदेश में कहा गया है कि एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और डाईक्लोफेनाक ग्रुप की दवा बिना पर्चा नहीं मिलेगी। साथ ही कहा है कि सभी केमिस्ट को इसके अंतर्गत आने वाली सभी प्रकार के पेन किलर के रिकॉर्ड को रखना होगा। जो ऐसा नहीं करेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। 

एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि इन दवाओं के सेवन से प्लेटलेट्स कम होता है। इस बारे में डेंगू एक्सपर्ट का कहना है कि एस्पिरिन और इस प्रकार के संबंधित ग्रुप की दवा से ब्लड पतला होने का डर रहता है। इससे डेंगू मरीज में ब्लीडिंग हो सकती है।

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