Delhi : चौपहिया वाहन चालक नहीं मानते ट्रैफिक नियम, सबसे ज्यादा रेड लाइट जंप, दोपहिया वाले नहीं कराते पीयूसी

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Delhi : Four wheeler drivers do not obey traffic rules

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राजधानी दिल्ली में चार पहिया वाहन दोपहिया वाहनों के मुकाबले सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। चार पहिया वाहन खतरनाक ढंग से चलते हैं तो दोपहिया वाहन चालक प्रदूषण चेक नहीं कराते। वर्ष 2022 में 238626 चार पहिया वाहनों ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है।

वही इस वर्ष 188429 दोपहिया वाहनों ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। दूसरी तरफ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में ये बात भी सामने आई है कि बसों के मुकाबले ट्रक व अन्य भारी वाहन दिल्ली में ज्यादा लोगों की जान ले रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में ये बात सामने आई है कि राजधानी में चार पहिया वाहन ट्रैफिक नियमों को सबसे ज्यादा उल्लंघन करते हैं। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चार पहिया वाहन चालकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। वर्ष 2020 में 188207 और वर्ष 2021 में 250929 चार पहिया वाहन चालकों ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। वर्ष 2023 में ये संख्या 238626 हो गई।

वहीं वर्ष 2020 में 152399, 2021 में 157271 और 2023 में 188429 दोपहिया चालकों ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया था। राजधानी में चार पहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा खतरनाक तरीके से चलाते हैं। वर्ष 2022 में खतरनाक ढंग से गाड़ी चलाने पर सबसे ज्यादा 44655 चालकों का चालान किया गया।

इस साल सिर्फ 21567 दोपहिया वाहन खतरनाक ढंग से चलाते हुए पकड़े गए। वर्ष 2022 में सबसे ज्यादा 37769 चार पहिया वाहन चालकों ने रेड लाइट तोड़ी, जबकि दोपहिया वाहनों की ये संख्या सिर्फ 18192 थी। ट्रैफिक पुलिस के सर्वे में ये बात सामने आई है कि वर्ष 2022 में बिना प्रदूषण के चलते वाले दोपहिया वाहनों की संख्या ज्यादा थी। वर्ष 2022 में बिना पीयूसी के चलने वाले 94360 दोपहिया और 37316 चार पहिया वाहनों का चालान किया गया। वर्ष 2022 में दोपहिया वाहन सबसे ज्यादा गलत दिशा में चले। वर्ष 2022 में 46848 दोपहिया वाहन गलत दिशा में चले, जबकि चार पहिया वाहनों की ये संख्या  44313 थी।

भारी वाहनों से सर्वाधिक दुर्घटनाएं 

राजधानी दिल्ली में बसों के मुकाबले भारी वाहन सबसे ज्यादा लोगोंं की जान ले रहे हैं। वर्ष 2022 में भारी वाहनों की कुल 180 गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई। इनमें 332 लोग घायल हुई और 187 लोगों की मौत हुई। बसों में क्लस्टर बसों के मुकाबले डीसीपी बसों ने ज्यादा लोगों की जान ली है। क्लस्टर बसों ने वर्ष 2022 में जहां 22 लोगों की जान ली है वहीं डीटीसी बसों ने 39 लोगों की जान ली है।

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