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वाराणसी में जी-20 सम्मेलन की पहली बैठक में कृषि पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव सहित कृषि उत्पादों के उत्पादन बढ़ाने को लेकर 32 देशों के 80 कृषि वैज्ञानिक मंथन करेंगे। इसमें भारत के भी करीब 80 कृषि वैज्ञानिक अपने विचार रखेंगे। 17 से 19 अप्रैल तक तीन दिवसीय एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक होगी।
जी-20 सम्मेलन के जरिये वाराणसी को अपनी ब्रांडिंग का एक बेहतर अवसर मिला है। नई काशी को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। यूपी के चार शहर जहां जी-20 की बैठकों का आयोजन हो रहा है। इसमें वाराणसी में बैठकों की संख्या सर्वाधिक है। अप्रैल के बाद जून माह में जी-20 की यूथ ट्वेंटी समिट का आयोजन होगा। वहीं अगस्त माह में चार अलग-अलग समूह की बैठक वाराणसी में होगी।
जी-20 की बैठकों के लिए दुनिया के आर्थिक महाशक्ति वाले 20 देशों के राजनयिक, ब्यूरोकेट्स और अन्य महत्वपूर्ण डेलीगेट्स वाराणसी आएंगे। जो काशी की विरासत की नई तस्वीर अपने साथ ले जाएंगे। इसका लाभ आने वाले समय में वाराणसी के पर्यटन उद्योग को मिलना तय माना जा रहा है।
सजावट का काम बाबतपुर, अतुलानंद चौराहा, कचहरी सर्किट हाउस, तेलियाबाग, मलदहिया, रुद्राक्ष सेंटर, तिलक रविंद्रपुरी, विजया पिपलानी, कटरा, मैदागिन, आशापुर चौराहा, तिराहे से सारनाथ की तरफ कराया जा रहा है।
वाराणसी स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. डी वासुदेवन ने बताया कि बाहर से आने वाले मेहमानों के प्रस्तावित मार्गों को बेहतर किया जा रहा है। इसमें, लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, शिवपुर मार्ग, चौकाघाट से पड़ाव, नमोघाट समेत अन्य जगहों पर 30 डबल साइड बैकलिट एलईडी यूनिपोल लगाए जा रहे हैं।
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