[ad_1]
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को रायसीना डायलॉग में बात करते हुए कहा कि मास्को-कीव संघर्ष से पश्चिमी देश इतने प्रभावित नहीं हैं, उनके कष्टों के पीछे असली कारण ब्लैकमेल और प्रतिबंध है. लावरोव ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यूक्रेन ने अपने क्षेत्र में रूसी भाषा को पूरी तरह से रद्द कर दिया, लेकिन कीव से किसी ने सवाल नहीं पूछा. उन्होंने कहा कि हमारे पश्चिमी मित्र माइक्रोफोन पर रूसी चाहिए चिल्ला रहे थे. हालांकि, विकासशील देशों के प्रतिनिधि भी कह रहे थे कि जब रूस बातचीत के लिए तैयार है तो हम युद्ध को रोकना चाहते हैं. आगे कहा कि उन्होंने बाली शिखर सम्मेलन के दौरान घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले जी20 सदस्यों से यह सवाल पूछा कि क्या समूह ने कभी इराक, लीबिया, अफगानिस्तान या यूगोस्लाविया में घोषणाओं की स्थिति को प्रतिबिंबित किया है.
[ad_2]
Source link