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G20 Summit: Humayun Tomb
– फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
देश की राजधानी में संपन्न हुए जी20 शिखर सम्मेलन के बाद दिल्ली के कई पर्यटक स्थल गुलजार हैं। कुतुब मीनार से लेकर जामा मस्जिद तक हर तरफ खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं। जी20 के मेगा इवेंट के लिए इंडिया गेट क्षेत्र की विशेष साज-सज्जा की गई थी। जबकि देशी-विदेशी मेहमानों के लिए हुमायूं का मकबरा, लाल किला, पुराना किला, सफदरजंग मकबरा को रंग-बिरंगी रोशनी, डेकोरेटिव छतरियों और फूलों से सजाया गया है। कुतुब मीनार को भी लेजर और लाइट शो से रोशन किया गया है। जी20 समिट के दौरान हुमायूं का मकबरा विदेशी मेहमानों की पहली पसंद रहा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अफसरों का कहना है कि समिट के दौरान 90 फीसदी हुमायूं का मकबरा देखने के प्रस्ताव आए थे। सबसे ज्यादा विदेशी मेहमान यहां आए थे।
विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना हुमायूं का मकबरा
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) दिल्ली सर्किल के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जी20 की बैठक के दौरान कई विदेशी मेहमान हुमायूं का मकबरा देखने पहुंचे। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य उनके साथ थे। यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष के अलावा ब्रिटिश मीडिया डेलिगेट्स भी हुमायूं का मकबरा पहुंचे थे। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने जी20 समिट शुरू होने के एक दिन पहले हुमायूं के मकबरे का दौरा किया था। इसी कड़ी में बेल्जियम के राष्ट्रपति ने लोदी गार्डन और हुमायूं के मकबरे का दीदार किया।
इसके बाद नीदरलैंड से आए मेहमानों ने भी हुमायूं का मकबरा देखा। जबकि जी20 समिट से एक दिन पहले यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और उनकी पत्नी हुमायूं का मकबरे देखने पहुंचे थे। दोनों ने यहां साथ में फोटो भी खिंचवाई थी। विश्व सांस्कृतिक धरोहर मुगल वास्तुकला का खूबसूरत नमूना हुमायूं का मकबरा में आने वाले विदेशी मेहमानों को घुमाने के लिए एएसआई के अधिकारी तैनात किए गए थे। बता दें हुमायूं का मकबरा 16वीं शताब्दी में बनाया गया था।
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