[ad_1]

पोलियो
– फोटो : pixabay
ख़बर सुनें
विस्तार
पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत अफ्रीकी देशों में पोलियो के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने इंजेक्टेड पोलियो टीके की बूस्टर डोज लगाने का फैसला लिया है। यह टीका शून्य से नौह माह तक के बच्चों को लगाया जाएगा। अब तक इस टीके की दो डोज नौ माह तक के बच्चों को लगाई जाती थी। टीकाकरण अभियान का आगाज एक जनवरी 2023 से शुरू होगा।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि भारत में 2011 के बाद से पोलियो के एक भी केस नहीं मिले हैं। जबकि, पिछले दो साल से पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत अफ्रीकी देशों में पोलियो के केस सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने फैसला लिया है कि नौ माह तक के बच्चों को इंजेक्टेड पोलियो का तीसरा टीका भी लगाया जाएगा। यह टीका शून्य से नौ माह तक के बच्चों को ही लगाया जाएगा। एक जनवरी से इसकी शुरुआत होगी।
बताया कि करीब शून्य से नौ लाख के करीब एक लाख बच्चे जिले में हैं, जिन्हें बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि बच्चों को पहला टीका एक से डेढ़ माह के भीतर, दूसरा साढ़े तीन माह से चार माह के बीच लगाया जाता है। जबकि, बूस्टर डोज आठ से नौ माह के बीच लगाया जाएगा। यह टीका दाएं हाथ पर लगाया जाएगा। इस अभियान में आशा कार्यकर्ता और एएनएम को शामिल किया जाएगा, जिससे की लोगों को इसकी जानकारी हो सके।
एम्स, बीआरडी और महिला अस्पताल में लगवा सकेंगे टीका
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि शहरी क्षेत्र में लोग एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, बंसतपुर पीएचसी समेत महिला अस्पताल में बच्चों को नियमित टीका लगवा सकेंगे। इंजेक्टेड पोलियो टीका भी नियमित टीकाकरण अभियान में शामिल है।
[ad_2]
Source link