Gorakhpur News: कोरोना से जंग को गोरखपुर स्वास्थ्य महकमा तैयार, लोगों को कर दिया गया है अलर्ट

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चीन, जापान और अमेरिका समेत अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। साथ ही कोरोना से जंग की तैयारी भी शुरू कर दी है। जिले के 55 अस्पतालों में 2,832 बेड कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए तैयार कर दिए गए हैं। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है।

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए 11 सरकारी और 44 निजी अस्पतालों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में 1,485 और निजी अस्पतालों में 1,347 बेड का उपयोग किया जाएगा। कुल 1,023 आइसीयू बेड तैयार किए गए हैं। इनमें 562 सरकारी और 461 निजी अस्पताल के हैं। सरकारी अस्पतालों में 923 आइसोलेशन बेड और और निजी अस्पतालों में 886 बेड हैं। बच्चों के लिए 26 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू और वेंटिलेटर तैयार किए गए हैं। वहीं, जिला अस्पताल के पीआईसीयू में 17 बेड के साथ वेंटिलेटर की सुविधा दी जाएगी।

 

विदेश से आने वाले यात्रियों की होगी कोरोना जांच

विदेश से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार से एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच शुरू कर दी गई। पहले दिन 22 यात्रियों की जांच की गई है। किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं मिली है। वहीं, यात्रियों को एक सप्ताह तक होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि चीन, ब्राजील, अमेरिका, कनाडा व दक्षिणी कोरिया से आने यात्रियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश हैं। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग और जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे स्टेशन पर दो दिन में जांच बूथ स्थापित किया जाएगा।

 

सभी सीएचसी पर की जाएगी 10 फीसदी मरीजों की एंटीजन किट से कोरोना जांच

गोरखपुर जिले के सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि केंद्र पर आने वाले 10 फीसदी मरीजों की एंटीजन किट से कोरोना की जांच कराएं। संदिग्ध मिलने वाले की आरटीपीसीआर जांच कराएं। यदि किसी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उसकी जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी।

सभी कोविड अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश

जिले के सभी कोविड अस्पतालों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम को भी सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है। कोराना की दूसरी लहर के दौरान 42 से अधिक टीमें सक्रिय थीं। ये टीमों मरीजों की जांच के साथ उन्हें दवाइयां पहुंचाती थीं।  

 

मेडिकल कॉलेज में मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को मिलेगा प्रवेश

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि एहतियात के तौर पर अब बीआरडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के साथ केवल एक तीमारदार की इंट्री होगी। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू कर दी गई है। इसके अलावा सभी से अपील की गई है कि मास्क पहनकर बीआरडी में आएं। साथ ही कोविड प्रोटोकाल का पालन करें। सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को फिर से कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बूस्टर डोज लगवाने में पीछे हैं जनपदवासी

कोरोना टीकाकरण के तहत लोगों को बूस्टर डोज लगाया जा रहा है, लेकिन इसे लगवाने में जनपदवासी रुचि नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि अब तक 33 फीसदी लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। जबकि, लक्ष्य 29 लाख का है। अब तक केवल 10 लाख 50 हजार 888 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई है। वहीं, 18 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 34 लाख 88 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके तहत 103 फीसदी लोगों ने पहली और 100 फीसदी लोगों ने दूसरी डोज लगवा ली है।

 

अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था

सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है। दूसरी और तीसरी लहर में जो दवाएं मरीजों को दी जा रही थीं, वह केंद्र पर उपलब्ध हैं। निर्देश मिलने के बाद इन दवाओं की किट भी बनाई जाएगी।

आईएमए ने जारी की अपील

आईएमए ने कोरोना से बचाव के लिए अपील जारी की है। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ शिवशंकर शाही और पूर्व सचिव डॉ वीएन अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही आईएमए टेलीकंसल्टेंसी की शुरुआत करेगा। इसके लिए डॉक्टरों की बैठक भी बुलाई गई है। कहा है कि जो लोग टीके का बूस्टर डोज नहीं लगवाएं हैं वह जरूर लगवाएं। टीका पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है।



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