होली के बाद अब ट्रेनों में भीड़ बढ़ती जा रही है। बिहार की ट्रेनों में चढ़ना तो मुश्किल है ही, गोरखपुर से जाने वाली ट्रेनों में भी ठसाठस भीड़ है। शुक्रवार को ट्रेनों के जनरल कोच में जब जगह नहीं मिली तो कुछ युवक कोच के दो बर्थ के बीच चादर बांधकर उस पर लेट गए। वहीं, कुछ ट्रेन के चलने तक चढ़ने की कोशिश करते रहे। कोच में सीट को लेकर धक्कामुक्की भी हुई।
बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच ही नहीं, स्लीपर कोच में भी भीड़ ज्यादा थी। यही हाल वैशाली और गोरखधाम एक्सप्रेस में भी देखने को मिला। इन ट्रेनों में स्लीपर कोच के शौचालय के पास लोग सामान लेकर बैठे थे। इनके पास काउंटर से बना आरक्षित टिकट था। गोरखपुर से स्लीपर कोच में परिवार के साथ चढ़े सुनील यादव का कहना था कि एक महीने पहले टिकट बुक कराया था। कन्फर्म हुआ नहीं, किसी तरह बैठकर चले जाएंगे।
वहीं, जनरल कोच में तो चढ़ना ही मुश्किल था। धक्कामुक्की के बीच कुछ लोग चढ़ तो गए लेकिन उन्हें खड़ा होकर ही सफर करना पड़ा। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच में कुछ यात्री जब जगह नहीं मिली तो पावदान पर बैठ गए और सीढ़ी पर लगे दो पाइप के बीच गमछा बांध दिया। इन यात्रियों को आरपीएफ ने रोकने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच ट्रेन चल दी।
जनरल टिकट काउंटरों पर लगी कतारें
रेलवे स्टेशन स्थित जनरल टिकट काउंटरों पर टिकट लेने के लिए कतारें लगी रहीं। पूरे दिन काउंटर पर भीड़ लगी रही। वहीं, टिकट वेडिंग मशीन पर भी टिकट के लिए लोगों में धक्कामुक्की हुई। भीड़ को संभालने के लिए आरपीएफ को सख्ती बरतनी पड़ी।
होली के बाद बढ़ी रोडवेज बसों में भीड़
होली मनाने घर आए लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार की तुलना में रेलवे बस स्टेशन पर शुक्रवार को यात्रियों की अधिक भीड़ नजर आई। शुक्रवार को रेलवे बस स्टेशन पर ऐसे यात्री ज्याद दिखे जिन्हें दिल्ली, कानपुर, आगरा सहित दूसरे शहरों में को जाना था।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेश चंद्र ने बताया कि अभी यात्रियों की भीड़ कम है। लेकिन, उम्मींद है कि शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में यात्री लंबी दूरी के बस पकड़ने रेलवे बस स्टेशन पहुंचेंगे।