Gorakhpur Pollution: गोरखपुर में छिड़काव के बाद भी हवा जहरीली, सुबह की सैर बना रही बीमार

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Air poisonous even after spraying, morning walk making one sick

पैडलेगंज से रामगढ़ ताल रोड के पेड़ो पर पानी का छिड़काव करते नगर निगम के कर्मचारी

विस्तार


दिवाली के तीन दिन बाद भी शहर की हवा में सुधार नहीं हुआ है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 180 के करीब दर्ज किया गया है, जो यह बताने को काफी है कि प्रदूषण की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। निर्माण कार्य स्थलों पर लगातार पानी का छिड़काव भी हो रहा है, लेकिन राहत नहीं मिल रही। वहीं, प्रदूषण के चलते सुबह सुबह की सैर पर निकलने वालों की संख्या कम हो गई है। लोगों की आंख में जलन और गले में खराश की शिकायत बनी हुई है। डॉक्टराें की सलाह है कि जब हल्की धूप निकले तभी टहलने जाएं और मास्क जरूर लगाएं।

दिवाली की आतिशबाजी के बाद शहर की हवा काफी खराब हो गई है। दिवाली के तीसरे दिन बुधवार को भी शहर एक्यूआई 180 दर्ज किया गया। मंगलवार को एक्यूआई 178 दर्ज किया गया था। जबकि दिवाली के दूसरे दिन सोमवार को सर्वाधिक 300 एक्यूआई दर्ज किया गया था। प्रदूषण के बढ़े स्तर से खासतौर से बुजुर्गों, बच्चों व फेफड़े के मरीजों के लिए मुश्किल बढ़ गई है। चिकित्सकों ने प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को मास्क लगाने की सलाह दी है।

दिवाली के दिन शहर में प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में था। दिवाली के दिन शहर में जमकर आतिशबाजी हुई। शाम सात बजे से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर भोर तक चला। पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं की वजह से शहर की आबोहवा तीन दिन बाद भी नहीं सुधरी। हालांकि इसके पीछे निर्माण कार्य व गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को भी कारण माना जा रहा है।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देख नगर निगम भी सतर्क हो गया है। निर्माणाधीन सड़क के आसपास उड़ रही धुल पर नियंत्रण के लिए गाड़ियों से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। बुधवार को दोपहर में पैड़लेगंज-नौसड़ सिक्सलेन पर छिड़काव किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही जब गाड़ियों की आवाजाही शुरू हुई तो धूल उड़ने लगी। फिर शाम छह बजे भी पानी का छिड़काव किया गया।

 

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