Gorakhpur Weather: गोरखपुर में गिरा पारा, गलन बढ़ी, सूरज का तेज पड़ा मध्यम

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गोरखपुर में ठंड अब सितम ढाने लगी है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन सूरज कोहरे की ओट में छिपा रहा। सूरज का तेज मध्यम पड़ने से गलन बढ़ गई और ठंड की वजह से लोग कांपते रहे। लगातार दूसरे दिन कोल्ड डे (शीत दिवस) दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 6.9 डिग्री तक पहुंच गया। अधिकतम तापमान भी 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ पर हो रही बर्फबारी और पछुआ हवा की वजह से अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 5.0 डिग्री कम रहा। अगले चार-पांच दिनों तक ठंड का सितम ऐसे ही जारी रहेगा।

 

24 घंटे में तीन डिग्री लुढ़क गया न्यूनतम तापमान

बुधवार को न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री था, जो बृहस्पतिवार को लुढ़ककर 6.9 डिग्री हो गया। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडे ने बताया कि शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। जिसकी वजह से पश्चिमी हिमालय पर फिर से बर्फबारी होगी। साथ ही पछुआ हवा भी चलेंगी। ऐसे में ना सिर्फ रात बल्कि दिन में भी काफी ठंड महसूस होगी। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।

 

पिछले वर्षों में कुछ यूं रहा था दिसंबर में तापमान

वर्ष     तारीख     अधिकतम    न्यूनतम

2022    29    17.5    6.9

2021    30    18.6    13.0

2020    19    15.6    5.1

2019    29    12.4    17.0

2018    28    21.0    4.6

 

खुले में सो रहे लोगों को ऑटो से पहुंचा रहे रैन बसेरा

आपदा संयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से रात आठ बजे से 11 बजे तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बैटरी संचालित ऑटो से भ्रमण कर खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए चार ऑटो लगाए गए हैं। सभी पर दो-दो स्वयंसेवी तैनात किए गए हैं।

उधर, डीएम कृष्णा करूणेश के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जिले के सभी  एडीएम ,एसडीएम, तहसीलदार ने रैन बसेरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे जरूरतमंदों को कंबल वितरित किया। साथ ही अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई। उधर, नगर निगम ने बृहस्पतिवार से शहर के 47 स्थानों पर अलाव जलाना शुरू कर दिया है। पिछले साल नगर निगम की ओर से 100 से ज्यादा स्थानों पर अलाव जलाए गए थे।

 

पौने तीने घंटे गोरखधाम और पौने दो घंटे देरी से आई वैशाली

गोरखपुर में बृहस्पतिवार को दिल्ली से आने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें दो से तीन घंटे की देरी से गोरखपुर जंक्शन पहुंचीं। भटिंडा से चली गोरखधाम एक्सप्रेस पौने तीन घंटे, वैशाली एक्सप्रेस पौने दो घंटे की देरी से पहुंची। सर्द हवाओं के बीच प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्री कांप उठे। दिल्ली से चली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस दो घंटे, एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस सवा घंटे, अवध-असम एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे की देरी से स्टेशन पहुंचीं। इसी तरह कई और ट्रेनें भी देर से आईं। गोरखधाम एक्सप्रेस में पेंट्रीकार न होने से यात्रियों को नाश्ता-भोजन के लिए तरस जाना पड़ा। स्टेशन के पूछताछ केंद्र पर भीड़ रही। वहीं, विश्रामालय पूरा भरा रहा।



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