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जिला अस्पताल में दवा लेने व पर्ची कटाने के लिए लगी लाइन।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज भी एकदम से बदल गया है। दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है तो वहीं रात का तापमान लगातार कम-ज्यादा हो रहा है। इससे लोग बीमार पड़ने लगे हैं। सबसे अधिक असर मधुमेह व रक्तचाप के मरीजों पर है।
फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि मौसम में उतार-चढ़ाव का स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, वे ऐसे बदलाव को आसानी से सहन नहीं कर पाते। इसलिए खुद को मौसम के अनुरूप बनाकर रखना पड़ता है। मौसम में बदलाव के चलते सबसे अधिक मरीज सर्दी, खांसी, बुखार के आ रहे हैं। इसके अलावा मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
जनरल फिजिशियन डॉ. आरपी त्रिपाठी बताते हैं कि इन दिनों जो मरीज बढ़े हैं, उनमें से अधिकतर अनियमित दिनचर्या के चलते बीमार हुए हैं। अभी लोग सर्दी के चलते व्यायाम कम कर रहे हैं और खाने में भी परहेज नहीं कर रहे। इसका असर उनके शुगर लेवल पर पड़ रहा है। वहीं दिन गर्म होने के चलते लोग कम गर्म कपड़ों के साथ बाहर निकल रहे हैं, और शाम को ठंड बढ़ने पर वही लोग चपेट में आ रहे हैं। ऐसे लोगों का ब्लड प्रेशर भी बढ़ा रह रहा है।
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