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अधिकतम पारा तो लगातार तीन दिन से लगभग स्थिर है लेकिन न्यूनतम पारा मंगलवार की तुलना में 1.4 डिग्री नीचे खिसक गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि मंगलवार को 7.4 डिग्री सेल्सियस था।
भीषण ठंड और शीतलहर की वजह से बंद चल रहे सरकारी और निजी स्कूल एक बार फिर विद्यार्थियों से गुलजार हो गए हैं। शहर के आरपीएम एकेडमी, सेंट्रल एकेडमी, सरमाउंट इंटरनेशनल, एचपी चिल्ड्रेंस एकेडमी, आर्मी पब्लिक स्कूल सहित अन्य विद्यालयों में बुधवार को विद्यार्थी 15 दिनों के बाद स्कूल पहुंचे और दोस्तों संग खुशियां बांटी।
कड़ाके की ठंड में भी गोरखपुरवासियों को नारियल पानी लुभा रहा है। ठंड के बावजूद लोग चाय, काफी के साथ नारियल पानी का प्रमुखता से सेवन कर रहे हैं। कोरोना महामारी के बाद से नारियल पानी पीने वालों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसकी मांग बढ़ने से इसके ठेले भी अब जगह-जगह नजर आनेे लगे हैं। केरल, आंध्रप्रदेश, बंगाल और कोलकाता से इन्हें मंगाया जा रहा है।
अमूमन नारियल पानी का सेवन ज्यादातर गर्मी के सीजन में होता है। मगर, कोरोना काल की भयावहता ने लोगों को स्वास्थ्य वर्धक चीजों के प्रति जागरूक कर दिया है। टाईफाइड और कोरोना पर नियंत्रण के साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने के लिए शहर में नारियल पानी की खपत खूब हो रही है।
मोहद्दीपुर, तारामंडल, इंदिरा बाल विहार, सिविल लाइंस, टाउन हॉल आदि जगहों पर बड़ी संख्या में नारियल पानी की दुकानें सज रही हैं। मोहद्दीपुर में नारियल पानी बेचने वाले राजू जायसवाल ने बताया कि थोक व्यापारी 25 रुपये में नारियल देते हैं। इसी में हर आकार का नारियल होता है। फुटकर में आकार के हिसाब से 40, 50 और 60 रुपये में बेचा जाता है। कुछ कारोबारी कई दुकानें लगवाते हैं और युवाओं को कमीशन पर बेचने की जिम्मेदारी देते हैं।
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