GPR Device: मलबे में दबे लोगों का तुरंत चलेगा पता, जीपीआर यंत्र बनेगा मददगार

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People buried under debris will be located immediately , GPR device will be helpful

ज्योति राणा, एडीएम (प्रोटाकॉल) शिमला।
– फोटो : संवाद

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भूकंप और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील राजधानी शिमला में अब आपदा आने पर आधुनिक लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस और ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडॉर (जीपीआर) यंत्र मददगार होंगे। समरहिल के शिव बावड़ी त्रासदी से सबक लेते हुए जिला प्रशासन इन उपकरणों की खरीद करने जा रहा है। इन पर करीब 83 लाख रुपये खर्च होंगे। इन उपकरणों को चलाने का एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपदा के समय जिला प्रशासन इन उपकरणों का इस्तेमाल करेगा।

सरकार की ओर से जिला प्रशासन को इन दोनों उपकरणों की खरीद के लिए फंड जारी किया है। एडीएम (प्रोटाकॉल) ज्योति राणा की अगुवाई में हुई बैठक में दोनों उपकरणों की खरीद पर सहमति बनी है। अब जल्द की कंपनी से इन उपकरणों की खरीदारी की जाएगी। लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस से मलबे में दबे जीवत लोगों का पता लगाया जा सकेगा। इसके साथ में ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार से जमीन के नीचे किसी भी वस्तु एवं ढांचे को बगैर छेड़े हुए उसके नीचे दबी कंक्रीट, पानी, सीवरेज पाइप, केबल एवं अन्य वस्तुओं की पहचान की जा सकती है। आईआईटी रुड़की की टीम ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। जीपीआर जांच के लिए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की बेहतर टीम उपलब्ध रहेगी। 

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