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Guru Margi 2023: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की वक्री और मार्गी दोनों ही स्थितियों को महत्वपूर्ण माना जाता है. नए साल की शुरुआत होने से एक दिन पहले 31 दिसंबर 2023 की सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर देवताओं के गुरु कहे जाने वाले बृहस्पति मार्गी होने जा रहे हैं. गुरु ग्रह की यह स्थिति आपको उन सभी समस्याओं और बाधाओं से मुक्ति दिलाने का काम करेगी, जिसका सामना आपको इनकी वक्री अवस्था के दौरान करना पड़ रहा था. देव गुरु बृहस्पति मेष राशि में मार्गी होने जा रहे है. देव गुरु के मार्गी होने से सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में अवगत कराएगा. गुरु ग्रह को अपना राशिचक्र पूरा करने में 12 सालों का समय लगता है. बृहस्पति ग्रह को स्वभाव से उग्र, महान, दयालु, फल प्रदान करने वाले, प्रसन्नचित्त, सकारात्मक और सम्मानित माना गया है. गुरु ग्रह उच्च शिक्षा के साथ-साथ न्यायाधीशों, काउंसलर, बैंकर, धर्म गुरुओं और फिल्म आदि से जुड़े क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं. बृहस्पति को कुंडली में संतान के कारक ग्रह माना जाता है, जो कि मीन और धनु राशि के स्वामी भी हैं. यह कर्क राशि में उच्च और मकर राशि में नीच के होते हैं. गुरु के संबंध सूर्य, चंद्रमा और मंगल के साथ मित्रवत हैं, जबकि बुध और शुक्र के साथ यह शत्रुता के भाव रखते हैं. मेष राशि राशिचक्र की पहली राशि है, जिसके अधिपति देव मंगल हैं. मेष राशि एक उग्र और स्वभाव से पुरुष राशि है. गुरु ग्रह के लिए मेष मित्र राशि है, क्योंकि इस राशि के स्वामी मंगल और बृहस्पति एक-दूसरे के मित्र हैं.
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