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काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा ज्ञानवापी मस्जिद।
– फोटो : अमर उजाला
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ज्ञानवापी के मां श्रृंगार गौरी मूल वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से रडार तकनीक से सर्वे कराने के प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई पूरी हो गई। जिला जज की अदालत मामले में 21 जुलाई को फैसला सुना सकती है। हिंदू पक्ष ने सील वजूखाना को छोड़कर शेष अन्य स्थानों के सर्वेक्षण की मांग की है। इसमें कहा है कि 1993 में जिस क्षेत्र की बैरिकेडिंग की गई थी, उसका सर्वे कराया जाए।
अदालत में हिंदू पक्ष की ओर से दलील रख रहे विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वजू स्थल छोड़कर शेष स्थान का सर्वे कराया जाना चाहिए। मस्जिद के मुख्य गुंबद के नीचे धप-धप की आवाज आ रही है। इसके नीचे एक और शिवलिंग होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मस्जिद की पश्चिमी दीवार और पूरे परिसर का सर्वे कराने से इतिहास सामने आएगा।
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अदालत बिना आवेदन के भी सर्वे का आदेश दे सकती है। ऐसा साक्ष्य एकत्र करने और वास्तविकता को समझने के लिए किया जा सकता है। एएसआई सर्वे के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश बाधित नहीं करता है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर भी नहीं रोक लगाई है।
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