Gyanvapi: 1991 में पहली बार मांगी पूजा की अनुमति… 30 साल बाद मिला अधिकार; ज्ञानवापी मामले में कब क्या हुआ?

[ad_1]

Gyanvapi Masjid case Asked for permission for worship for first time in 1991 got right after 30 years timeline

Gyanvapi Masjid case
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


ज्ञानवापी मामले में वाराणसी की जिला अदालत ने हिंदू पक्ष के हक में एक और बड़ा फैसला सुनाया है। ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार दे कोर्ट ने दिया है। सात दिन में पूजा का अधिकार बहाल किया जाएगा। जिला अदालत के आदेश पर अमल करने के लिए प्रशासन से कहा गया है।

30 साल बाद ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा होगी। जिला प्रशासन को कोर्ट ने बैरिकेडिंग में सात दिन के अंदर व्यवस्था कराने का आदेश जारी किया है। व्यास तहखाना मस्जिद के नीचे है। तहखाना में अब नियमित पूजा अर्चना की जाएगी। काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड की ओर से पूजा अर्चना करवाई जाएगी।

ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने में पूजा किए संबंधी आवेदन पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दोनों पक्ष की तरफ से मंगलवार को बहस पूरी कर ली गई थी। अदालत ने इस प्रकरण में बुधवार को अपना आदेश सुनाया। अब तहखाने में पूजा करने की अनुमति मिल गई है।

कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू पक्ष ने जश्न मनाया। साथ ही इसे बड़ी जीत भी बताया है। हिंदू पक्ष ने कह कि 30 साल बाद न्याय मिला है। नवंबर 1993 तक यहां पूजा अर्चना की जाती थी। लेकिन नवंबर 1993 में पूजा-पाठ को प्रदेश सरकार ने रुकवा दिया था। 

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *