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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व असदुद्दीन ओवैसी।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंगनुमा आकृति के पास बने वजूस्थल पर गंदगी फैलाने और भड़काऊ बयानबाजी के मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका पर आज की सुनवाई टल गई है। 29 नवंबर को अदालत ने अंतिम अवसर देते हुए ने 2 दिसंबर की तारीख नियत की थी। लेकिन आज भी सुनवाई नहीं हो सकी और अदालत ने सात दिसंबर की तारीख नियत कर दी है।
बता दें कि ज्ञानवापी मामले में बयानबाजी पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इस मामले में आज वाराणसी के अपर सत्र न्यायाधीश नवम विनोद यादव की कोर्ट में सुनवाई होगी।
क्या है मामला?
हरिशंकर पांडेय ने कोर्ट में अधिवक्ता आरपी शुक्ल,अजय प्रताप सिंह, घनश्याम मिश्र के जरिये कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की ओर से वजूखाने में हाथ-पैर धोए जाते हैं और गंदगी फैलाई जाती है। जबकि वह स्थान हमारे अराध्य भगवान शिव का स्थान है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है।
इसके साथ ही सर्वे में मिले शिवलिंग को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है।
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