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ज्ञानवापी
– फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के सील वजूखाने को छोड़कर शेष हिस्से का सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सोमवार सुबह सात बजे से शुरू कर दिया। हालांकि करीब साढ़े पांच घंटे बाद सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद सर्वे रोक दिया गया। इस दौरान हिंदू पक्ष की चार वादिनी महिला व उनके चार अधिवक्ता मौजूद रहे। मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सर्वे का बहिष्कार किया। उन्होंने अपने इस फैसले का बचाव किया।
मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई की जानकारी प्रशासन व एएसआई की टीम को पहले ही दी गई थी। साफ किया गया था कि कमेटी का ध्यान सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर रहेगा। सर्वे में कोई भी शामिल नहीं हो सकेगा।
मुस्लिम पक्ष ने सर्वे के औचित्य पर सवाल उठाए और कहा कि जिला अदालत के एक फैसले पर पहले से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। हाईकोर्ट के सर्वे से संबंधित आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक है। ऐसे में सर्वे का आदेश न्यायहित में नहीं है।
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