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ज्ञानवापी परिसर के बाहर हिंदू पक्ष की महिलाएं और उनके अधिवक्ता
– फोटो : अमर उजाला
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Gyanvapi News: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर के एएसआई द्वारा वैज्ञानिक सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि 26 जुलाई को शाम 5 बजे तक कोई सर्वे ना किया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष से हाईकोर्ट जाने को कहा है। इधर, शीर्ष अदालत का आदेश आते ही ज्ञानवापी परिसर का सर्वे रोक दिया गया। तब तक करीब पांच घंटे की कार्रवाई हो चुकी थी। सर्वे बंद होने पर सबसे पहले डीएम और मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ज्ञानवापी से बाहर निकले। फिर एएसआई की टीम, वादी महिलाएं और उनके अधिवक्ता बाहर आए। वादिनी लक्ष्मी देवी ने कहा कि हम सर्वे से संतुष्ट हैं। नमाज वाली जगह का भी सर्वे हुआ।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर नंदन चतुर्वेदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सर्वे को रोक दिया गया। सोमवार सुबह सात बजे से सर्वे शुरू हुआ था। एएसआई की चार टीमों ने पूरे परिसर का नाप-जोख और पैमाइश की। इस दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी हुई। चारों ओर की दीवार मापी गई। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद एएसआई की टीम सर्वे शुरू करेगी।
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अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार
वहींअधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि सर्वे में मुस्लिम पक्ष ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया। बताया कि एएसआई की टीम पश्चिम दीवार और बाहरी हिस्सों में डीजीपीएस नामक मशीन से नाप-जोख कर रही थी। अभी काम शुरू ही हुआ था कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे का ऑर्डर आ गया। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है। दो दिन तक अब सर्वे नहीं होगा। अधिवक्ताओं की टीम जब बाहर निकली तो हर हर महादेव का जयघोष हुआ। सर्वे और सावन के सोमवार को देखते हुए वाराणसी जिला हाईअलर्ट पर है।
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