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हज यात्रा
– फोटो : फाइल फोटो
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हज का पाक मुकद्दस सफर करने की चाह रखने वाले बुजुर्गों की तमन्ना इस साल पूरी होगी। कोरोना के चलते दो साल तक पाबंदी रही। बीते वर्ष मौका मिला तो 65 साल की उम्र पार वाले बुजुर्गों की यात्रा पर रोक लगा दी, जिससे हरिद्वार जनपद 42 बुजुर्गों की हज यात्रा करने की तमन्ना दिल में रह गई।
इस साल सरकार ने 70 की उम्र पार वाले बुजुर्गों को यात्रा करने का मौका दे दिया है, जिससे खुशी का माहौल है। उत्तराखंड हज कमेटी ने हज यात्रा पर जाने के लिए आवेदन की कवायद शुरू कर दी थी। 10 मार्च तक आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। आवेदन के बाद कोटे के अनुसार यात्रा की खर्च की राशि कमेटी तय करेगी।
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कुर्राअंदाजी (लॉटरी) के जरिये हज यात्रियों का चयन किया जाएगा। इस साल 70 साल से ऊपर के बुजुर्ग भी हज का पाक सफर कर सकेंगे। बुजुर्गों के हज यात्रा करने पर लगी रोक इस साल खत्म कर दी गई है। कोरोना के चलते दो साल से मोमीन हज का सफर नहीं कर पा रहे थे, जबकि पिछले साल हज यात्रा करने का मौका मिला।
लेकिन, 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों के हज यात्रा करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। उत्तराखंड के नौ जिलों से 739 लोगों ने आवेदन किए थे। जिसमें से 65 की उम्र पार वाले 131 बुजुर्ग हज यात्रा पर नहीं जा पाए थे, जबकि अकेले हरिद्वार से 42 बुजुर्ग हज का सफर करने से महरूम रह गए थे, लेकिन इस साल यात्रा से उम्र की बाध्यता हटने से बुजुर्गों की तमन्ना पूरी होगी।
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